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रायगढ़ कलेक्टर व दण्डाधिकारी कार्तिकेया गोयल ने जारी किया आदेश”सज्जी फिलिप,सूर्या पाण्डेय एवं मुकेश अग्रवाल एक साल के लिए हुए जिला बदर…


चौबीस घंटे के भीतर रायगढ़ के साथ सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा एवं जशपुर जिले की सीमाओं से जाना होगा बाहर

रायगढ़, 29 मई 2024/ कलेक्टर व जिला दण्डाधिकरी कार्तिकेया गोयल ने 27 मई 2024 को आदेश जारी कर सज्जी फिलिप, पिता-थामस फिलिप, उम्र-27 वर्ष, निवासी-लोचन नगर, चक्रधरनगर जिला-रायगढ़ तथा सूर्या पाण्डेय, पिता-जगदीश पाण्डेय, उम्र-28 वर्ष, निवासी-बंगलापारा थाना-चक्रधरनगर, जिला-रायगढ़ एवं मुकेश अग्रवाल पिता-किशोरी लाल अग्रवाल, उम्र-44 वर्ष, निवासी-छपरीगंज, खरसिया जिला-रायगढ़ को एक साल के लिए जिला बदर कर दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3 एवं 5 (क) एवं (ख)के तहत जिला दण्डाधिकारी न्यायालय में चल रहे न्यायिक प्रकरण में यह आदेश पारित किया है। आदेश में उल्लेख है कि जब तक यह आदेश लागू रहेगा सज्जी फिलिप, सूर्या पाण्डेय एवं मुकेश अग्रवाल को चौबीस घंटे के भीतर जिला-रायगढ़ तथा समीपवर्ती जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा एवं जशपुर जिले के क्षेत्र से एक वर्ष के लिए बाहर जाना होगा। सज्जी फिलिप, सूर्या पाण्डेय एवं मुकेश अग्रवाल को उक्त अवधि में बिना वैधानिक अनुमति लिए इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं करना है। इस आदेश का तुरंत पालन किया जाना होगा। पालन नहीं करने पर सज्जी फिलिप, सूर्या पाण्डेय एवं मुकेश अग्रवाल  के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

गौरतलब है,कि पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर यह पाया गया कि सज्जी फिलिप वर्ष 2016 से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है,और अपने साथियों के साथ मिलकर गुण्डागर्दी, गाली-गलौज कर मारपीट कर चोट पहुंचाना, जान से मारने की धमकी देना जैसे अपराध घटित करते आ रहा है। सज्जी फिलिप के विरूद्ध थाना चक्रधर में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज है। उक्त कार्यवाहियों के बावजूद सज्जी फिलिप का दुस्साहस बढ़ता गया और उसके आचरण में कोई सुधार नहीं आया है। इसके मन में पुलिस एवं कानून का भय बिल्कुल समाप्त हो चुका है। सज्जी फिलिप का आतंक एवं दु:साहस इतना बढ़ गया है कि वह गंभीर से गंभीर घटना कारित करने में नहीं हिचकता है। सज्जी फिलिप के विरूद्ध समस्त कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाहियां भी की गई है, फिर भी उनके आचरण पर कोई असर परिलक्षित नहीं हुआ है। जिससे जनसामान्य एवं समाज में तीव्र आक्रोश व्याप्त है तथा कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके आपराधिक कृत्यों में विधिक तरीके से कार्यवाही किए जाने के बावजूद सुधार की कोई अन्य विकल्प नहीं होने से छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के अंतर्गत कार्यवाही अमल में लाया जाना नितांत आवश्यक हो गया है। पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा सज्जी फिलिप के विरूद्ध छ.ग.राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही करने हेतु प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है।
इसी तरह सूर्या पाण्डेय वर्ष 2017 से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है और अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न धाराओं के तहत अपराध घटित करने में संलग्न है। सूर्या पाण्डेय गुण्डागर्दी, गाली-गलौज कर डंडा से मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर चोट पहुंचाना, चोरी, जुआ खेलना इत्यादि अपराध घटित करते आ रहा है। सूर्या पाण्डेय का आतंक एवं दु:साहस इतना बढ़ गया है कि वह गंभीर से गंभीर घटना कारित करने में नहीं हिचकता है। उसके विरूद्ध समस्त कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाहियां भी की गई है फिर आचरण पर कोई असर परिलक्षित नहीं हुआ है। इसके आपराधिक कृत्यों में विधिक तरीके से कार्यवाही किए जाने के बावजूद सुधार की कोई अन्य विकल्प नहीं होने से छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5(क)(ख)एवं 6 (क)(1)के अंतर्गत कार्यवाही अमल में लाया जाना नितांत आवश्यक हो गया है। पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा सूर्या पाण्डेय के विरूद्ध छ.ग.राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही करने हेतु प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है।
मुकेश अग्रवाल अपने साथियों के साथ मिलकर लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहकर मारपीट, बलवा, हत्या जैसे गंभीर अपराध करते आ रहा है। मुकेश अग्रवाल के विरूद्ध थाना खरसिया के अंतर्गत वर्ष 2008 से 2017 तक विभिन्न आपराधिक प्रकरणों में चालानी कार्यवाही की गई है। मुकेश अग्रवाल एक अत्यंत दु:साहसिक एवं गुण्डा प्रवृति का है। उनके आपराधिक कृत्यों से आम जनता भयभीत होकर अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है। इसके आपराधिक कृत्यों में विधिक तरीके से कार्यवाही किए जाने के बावजूद सुधार की कोई अन्य विकल्प नहीं होने से छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3(1)(क) (ख)एवं 5 (क)(ख)के अंतर्गत कार्यवाही अमल में लाया जाना नितांत आवश्यक हो गया है। पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा मुकेश अग्रवाल के विरूद्ध छ.ग.राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही करने हेतु प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है। जिसके पश्चात कलेक्टर व जिला दण्डाधिकारी श्री गोयल ने आदेश पारित किया कि अनावेदक लगातार अपराधिक कृत्य में संलग्न होकर अपराधिकृत प्रवृत्ति का व्यक्ति है जिससे कानून व्यवस्था एवं लोक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अत: राज्य सुरक्षा अधिनियम के उक्त प्रावधान के तहत उसे जिले से निष्कासित किए जाने का पर्याप्त कारण है। अत: राज्य की सुरक्षा व कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए सज्जी फिलिप, सूर्या पाण्डेय एवं मुकेश अग्रवाल को इस जिला तथा समीपवर्ती जिलों से निष्कासित किया जाना अति आवश्यक हो गया है।अतएव सज्जी फिलिप, सूर्या पाण्डेय एवं मुकेश अग्रवाल को रायगढ़ जिले तथा समीपवर्ती जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा एवं जशपुर जिले की सीमाओं से एक वर्ष की अवधि के लिए निष्कासित किया जाता है। सज्जी फिलिप, सूर्या पाण्डेय एवं मुकेश अग्रवाल को आदेश पारित होने के 24 घंटे के भीतर उक्त जिलों की सीमा से बाहर जाना होगा।

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