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अंबिकापुर में सरगुजा महाराज से जुड़े कांग्रेस व्हाट्सएप ग्रुप में कथित गुटबाजी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने विचारों के आदान-प्रदान का समर्थन करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कार्रवाई की बात कही है,वहीं कांग्रेस नेतृत्व ने इसे कुछ विघ्नसंतोषी तत्वों की हरकत बताया है!!

रायगढ़/अंबिकापुर में कांग्रेस के भीतर कथित गुटबाजी एक बार फिर चर्चा में है।इस बार मामला सरगुजा महाराज से जुड़े एक व्हाट्सएप ग्रुप से सामने आया है,जहां कथित तौर पर विचारधारा के आधार पर कार्यकर्ताओं को हटाने और आपत्तिजनक टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट वायरल होने की बातें कही जा रही हैं।

इस पूरे प्रकरण पर पूर्व उप मुख्यमंत्री और सरगुजा महाराज टी.एस. सिंहदेव (टीएस बाबा) तथा कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला के बयान सामने आए हैं।व्हाट्सएप ग्रुप से उठा विवाद
बताया जा रहा है कि “सरगुजा महाराज कांग्रेस व्हाट्सएप ग्रुप” में हाल के दिनों में ऐसी चर्चाएं हुईं, जिनमें कांग्रेस के भीतर कथित रूप से दो विचारधाराओं के बीच टकराव झलकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चर्चाओं के अनुसार, ग्रुप में यह कहा गया कि यह “सरगुजा महाराज टी.एस.बाबा का ग्रुप है, न कि भूपेश बघेल का”, और भूपेश बघेल विचारधारा से जुड़े सदस्यों से स्वयं ग्रुप छोड़ने का आग्रह किया गया। इतना ही नहीं, यह भी आरोप है कि यदि वे खुद नहीं निकलते तो उन्हें हटाया जाएगा।

कार्यकर्ताओं को हटाने के आरोप
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हालिया अंबिकापुर दौरे के दौरान उनके स्वागत में शामिल कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इस व्हाट्सएप ग्रुप से रिमूव कर दिया गया। दावा किया जा रहा है कि करीब एक दर्जन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ग्रुप से हटाया गया है। ग्रुप में कथित तौर पर यह भी कहा गया कि….

“जो बाबा का नहीं, वह किसी का नहीं”,
जिससे पार्टी के भीतर गुटबाजी के आरोप और तेज हो गए।व्हाट्सएप ग्रुप से उठा विवाद
बताया जा रहा है कि “सरगुजा महाराज कांग्रेस व्हाट्सएप ग्रुप” में हाल के दिनों में ऐसी चर्चाएं हुईं, जिनमें कांग्रेस के भीतर कथित रूप से दो विचारधाराओं के बीच टकराव झलकता है।

श्री सिंहदेव ने न्यूज़ मिर्ची 24 के संपादक संतोष पुरुषवानी से कहा कि यह एक ओछी राजनीति है!!
एडमिन का काम है~किसको जोड़ना किसको निकलना…इसके अलावा आगे कहा कि वे विचारों के आदान-प्रदान का स्वागत करते हैं।उन्होंने बताया कि यह बात उन्हें एक दिन पहले ही जानकारी में आई थी,और तब उन्हें पता चला कि वे खुद भी उस ग्रुप के एडमिन हैं।

सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि मतभेद स्वच्छ विचारों के स्तर पर होने चाहिए और यदि कोई सदस्य आपत्तिजनक टिप्पणी करता है तो उसे ग्रुप से हटाना चाहिए। उनके इस बयान को संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या कहते हैं~संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने गुटबाजी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।उन्होंने कहा कि कुछ विघ्नसंतोषी लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऐसी गतिविधियां करते हैं। यह कुछ “छुटभैया” लोगों की हरकत है और नेताओं के बीच किसी तरह की कोई गुटबाजी या गलतफहमी नहीं है।उनके मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व एकजुट है और इस तरह की घटनाओं को पार्टी की आधिकारिक सोच से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए!!





