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400 रुपये की वसूली और कम लोडिंग ने भड़काया बवाल,
छत्तीसगढ़ और ओड़िशा के बीच कोल परिवहन को लेकर चल रहा विवाद अब खुली हिंसा में तब्दील हो गया है!!

रायगढ़।जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत टपरिया बॉर्डर पर ट्रांसपोर्टरों के साथ हुई मारपीट, धमकी, लूट और बंधक बनाने की कोशिश के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए लगभग 140 लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में नामजद FIR दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
🌶️ मिर्ची स्प्रे से हमला, अचानक भड़की हिंसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक 18 जनवरी की शाम करीब 5 बजे, ओड़िशा से आए कुछ ट्रांसपोर्टरों और उनके समर्थकों ने रायगढ़ के वाहन मालिक संजय अग्रवाल,सतीश चौबे, प्रभा,तथा यूनियन अध्यक्ष आशीष यादव और सुभाष के ऊपर हमलावरों ने मिर्ची स्प्रे का इस्तेमाल किया और देखते ही देखते पिटाई भी कर दी!!
💰 15 हजार की लूट, जान से मारने की धमकी
पीड़ित ट्रांसपोर्टरों ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने बेरहमी से मारपीट करते हुए 15,000 रुपये नकद लूट लिए और विरोध करने पर जान से मारने की खुली धमकी दी। कुछ ट्रांसपोर्टरों को जबरन रोककर बंधक बनाने का प्रयास भी किया गया।घटना के बाद टपरिया बॉर्डर इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
🚓 पुलिस की त्वरित कार्रवाई, बंधक छुड़ाए
घटना की सूचना मिलते ही तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने हस्तक्षेप कर रायगढ़ के ट्रांसपोर्टरों को हमलावरों के कब्जे से छुड़ाया और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद पीड़ितों की शिकायत पर थाने में मामला दर्ज किया गया।
⚖️ गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296, 351(3), 115(2), 118(1), 191(2), 191(3), 190, 310(2) के साथ ही आयुध अधिनियम 1959 की धारा 25 और 27 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

👥 140 तक आरोपी,नामजद FIR
FIR में घनश्याम उर्फ बंटी डालमिया, गोपाल गोयंका, धीरेंद्र प्रधान, विपिन अग्रवाल, धनी मितो, तेजराम सहित 100 से 140 लोगों को आरोपी बनाया गया है। शिकायत रायगढ़ ट्रांसपोर्ट यूनियन की ओर से दर्ज कराई गई है।

पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, मोबाइल वीडियो और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
⚠️ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर छत्तीसगढ़–ओड़िशा बॉर्डर क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट कारोबार की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रांसपोर्टरों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है-पूरा मामला….
स्थानीय लोगों के अनुसार,यह पूरा विवाद लोडिंग प्रतिशत और प्रति वाहन 400 रुपये की कथित अवैध वसूली को लेकर शुरू हुआ। ओड़िशा की खदानों से रायगढ़ के उद्योगों के लिए कोयला परिवहन का कार्य दोनों राज्यों के ट्रांसपोर्टर करते हैं। समझौते के बावजूद छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टरों को 33 प्रतिशत लोडिंग नहीं दिए जाने और ऊपर से 400 रुपये की मांग ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया।
