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सारंगढ़-बिलाईगढ़ | 29 जुलाई 2026
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच माधोपाली पुल पर हुए दर्दनाक हादसे का गुरुवार को दुखद अंत हो गया। करीब 60 घंटे तक चले लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद संयुक्त बचाव दल ने लात नाला से दुर्घटनाग्रस्त कार को बाहर निकालते हुए उसमें सवार घोटला बड़े निवासी देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी के शव बरामद किए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।
जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण लात नाला उफान पर था। इसके बावजूद दंपति अपनी कार से माधोपाली पुल पार करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान तेज बहाव में कार अनियंत्रित होकर नाले में समा गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
तेज बहाव, लगातार बारिश, गंदले पानी और नदी-नाले की विकट परिस्थितियों के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। कई बार रेस्क्यू कार्य रोकना पड़ा, लेकिन टीमों ने हार नहीं मानी। आधुनिक उपकरणों और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से लगातार तलाश जारी रखी गई। आखिरकार लगभग 60 घंटे की अथक मेहनत के बाद दुर्घटनाग्रस्त कार का पता चला और उसे बाहर निकाला गया।
कार के भीतर पति-पत्नी के शव मिले।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और परिजन घटनास्थल पर मौजूद रहे। सभी को उम्मीद थी कि कोई चमत्कार होगा, लेकिन जब कार के साथ दोनों शव बाहर निकाले गए तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है।
लगातार हो रही बारिश के बीच यह हादसा लोगों के लिए बड़ी सीख बनकर सामने आया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि उफनते नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले मार्गों को पार करने का जोखिम न उठाएं। मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

माधोपाली पुल की यह दर्दनाक घटना पूरे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। 60 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान में पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने पूरी क्षमता से प्रयास किए, लेकिन अंत में दो अनमोल जिंदगियों को नहीं बचाया जा सका। यह हादसा बरसात के मौसम में सतर्कता बरतने की एक बड़ी चेतावनी बन गया है
