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रायगढ़, 1 अगस्त 2026। रायगढ़ जिले के मां शिवा प्लांट में हुए भीषण औद्योगिक हादसे ने आखिरकार दो श्रमिकों की जान ले ली। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे प्रमोद सोनी और चौखट सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों को चार दिन पहले बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया था, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयास भी उन्हें बचा नहीं सके। वहीं हादसे में घायल तीन अन्य श्रमिकों का इलाज अभी भी जारी है।

इस दर्दनाक घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वहीं पूरे औद्योगिक क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिल रहा है। हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार दिन तक चली जिंदगी और मौत की जंग
जानकारी के अनुसार हादसे के बाद गंभीर रूप से झुलसे प्रमोद सोनी और चौखट सिंह को पहले ओपी जिंदल फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया था। पिछले चार दिनों से दोनों जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे, लेकिन शनिवार को इलाज के दौरान दोनों ने अंतिम सांस ली।
तीन श्रमिकों का इलाज जारी, डॉक्टरों की निगरानी में
हादसे में घायल गुड्डू कुमार, चतुर यादव और शनिराम राठिया का इलाज फिलहाल ओपी जिंदल फोर्टिस अस्पताल में जारी है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार तीनों की स्थिति पर लगातार विशेषज्ञ डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत के मुताबिक सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
परिजनों में मातम, क्षेत्र में शोक की लहर
दो श्रमिकों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन कई दिनों से अस्पताल में उनके स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन मौत की खबर ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। घटना के बाद साथी श्रमिकों और स्थानीय लोगों में भी शोक व्याप्त है।
हादसे की जांच तेज, सुरक्षा मानकों की होगी पड़ताल
प्रशासन और संबंधित विभागों ने हादसे की जांच तेज कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना किन कारणों से हुई और प्लांट में सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुआवजा और नौकरी की उठी मांग
घटना के बाद श्रमिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मृतकों के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी तथा घायल श्रमिकों के बेहतर इलाज की मांग की है। लोगों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
न्यूज़ मिर्ची की नजर
रायगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह दुर्घटना तकनीकी खराबी का परिणाम थी या सुरक्षा मानकों में लापरवाही का। फिलहाल दो श्रमिकों की मौत ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है, जबकि तीन घायल श्रमिक अब भी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
