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रायगढ़।छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के सामने तेजी से बदलती वैश्विक व्यवस्था, नए शक्ति समीकरण और आर्थिक एवं कूटनीतिक चुनौतियां सामने हैं। ऐसे दौर में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है!

वित्त मंत्री ने भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक अंतर बताते हुए कहा कि भाजपा का मूल सिद्धांत शुरू से ‘नेशन फर्स्ट’ यानी राष्ट्र प्रथम रहा है। उनके अनुसार देश के हित से बड़ा पार्टी के लिए कुछ भी नहीं है। वहीं उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके लिए सत्ता की कुर्सी प्राथमिक लक्ष्य बन जाती है!

बदल रहा है ग्लोबल ऑर्डर
ओपी चौधरी ने ब्रिक्स सम्मेलन के संदर्भ में कहा कि आज के वैश्विक परिदृश्य को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक ओर अमेरिका वैश्विक महाशक्ति के रूप में मौजूद है, वहीं दूसरी ओर दुनिया में ग्लोबल साउथ के बढ़ते प्रभाव की चर्चा हो रही है।
उन्होंने कहा कि चीन,रूस और ब्राजील जैसे देशों के साथ भारत भी ग्लोबल साउथ की इस उभरती ताकत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत की भूमिका केवल एक सदस्य देश के तौर पर नहीं है,बल्कि वह विकासशील देशों से जुड़े मुद्दों को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखने वाली महत्वपूर्ण आवाज के रूप में सामने आया है।

वित्त मंत्री के मुताबिक दुनिया अब पुराने बायपोलर वर्ल्ड तक सीमित नहीं है। वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव हो रहा है, नए समीकरण बन रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई व्यवस्था आकार ले रही है। इस बदलते ग्लोबल ऑर्डर में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
चुनौतीपूर्ण समय में भारत के हित सर्वोपरि
ओपी चौधरी ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण हैं। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में युद्ध और तनाव के साथ आर्थिक अस्थिरता तथा कूटनीतिक दबाव जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। भारत के हितों को सर्वोपरि रखते हुए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में देश की स्थिति को मजबूती से रखने की आवश्यकता है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुटता की जरूरत
वित्त मंत्री ने कहा कि विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मंचों से जुड़े संवेदनशील विषयों पर देश के राजनीतिक दलों को दलगत मतभेदों से ऊपर उठकर भारत के साथ खड़ा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया की नजर भारत की बढ़ती भूमिका पर है, तब देश के भीतर से ऐसा कोई संदेश नहीं जाना चाहिए जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति कमजोर दिखाई दे। उनके अनुसार विदेश नीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रहित को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
ओपी चौधरी ने कहा कि यह समय कुर्सी की राजनीति से अधिक राष्ट्र की एकता और देशहित को प्राथमिकता देने का है। उन्होंने कहा कि भारत बदलती वैश्विक व्यवस्था में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है और ऐसे दौर में देश के हितों को सर्वोपरि रखना आवश्यक है!!
