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रायगढ़। शहर के किंडर वैली प्ले स्कूल में नवरात्रि का पावन पर्व भक्तिमय वातावरण, उमंग और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्ले ग्रुप, नर्सरी और प्री-प्राइमरी कक्षाओं के नन्हे विद्यार्थियों ने पारंपरिक परिधानों में सजकर उत्सव की रौनक बढ़ाई। रंग-बिरंगे कपड़ों में सजे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों, गरबा-डांडिया नृत्य और आकर्षक सजावट ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, मां दुर्गा के स्वरूप में मुकुट और त्रिशूल धारण कर पहुंची एक बालिका कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही।

पारंपरिक परिधानों में सजे नन्हे-मुन्ने
नवरात्रि उत्सव के अवसर पर विद्यालय में बच्चों के लिए पारंपरिक वेशभूषा का विशेष आकर्षण देखने को मिला। बालिकाएं लाल-सफेद साड़ियों में सजी नजर आईं, जबकि बालकों ने कुर्ता-धोती पहनकर भारतीय संस्कृति और परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत की। कुछ बच्चे आकर्षक डांडिया परिधानों में भी पहुंचे। नन्हे विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ झलक रही थी। मां दुर्गा के रूप में सजी बालिका ने अपने मुकुट और त्रिशूल के साथ सभी का ध्यान खींचा और आयोजन की सुंदरता में चार चांद लगा दिए।

फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजा विद्यालय
नवरात्रि के महत्व को ध्यान में रखते हुए विद्यालय परिसर को आकर्षक और पारंपरिक अंदाज में सजाया गया था। गेंदे के फूलों की झालरों, हरे पत्तों और सफेद पंखुड़ियों से सजे परिसर में मां दुर्गा का चित्र और कलश स्थापित किया गया। रंग-बिरंगी झंडियों और फूलों से सजी छतरी ने उत्सव को और भी आकर्षक बना दिया।

सजावट के माध्यम से बच्चों को मां दुर्गा से जुड़े शक्ति, साहस, करुणा, भक्ति, ज्ञान और पवित्रता जैसे गुणों के बारे में बताया गया। सजावटी कमल के जरिए इन मूल्यों को प्रस्तुत कर बच्चों को उनके महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया गया। पूरे विद्यालय परिसर में धार्मिक आस्था और उत्सव का सुंदर संगम देखने को मिला।
गरबा-डांडिया की धुन पर झूमे बच्चे
कार्यक्रम के दौरान नन्हे विद्यार्थियों ने भक्ति गीतों की धुन पर गरबा और डांडिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने हाथों में डांडिया लेकर पूरे उत्साह के साथ नृत्य किया। उनकी मासूम अदाओं और उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

फूलों और पारंपरिक सजावट से सजा विद्यालय परिसर
नवरात्रि पर्व के अनुरूप विद्यालय परिसर को गेंदे के फूलों की झालरों, हरे पत्तों और सफेद पंखुड़ियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। परिसर में मां दुर्गा का चित्र और कलश स्थापित किया गया। रंग-बिरंगी झंडियों तथा फूलों से सजी छतरी ने उत्सव की सुंदरता को और बढ़ा दिया।

सजावटी कमल के माध्यम से मां दुर्गा से जुड़े शक्ति, साहस, करुणा, भक्ति, ज्ञान और पवित्रता जैसे गुणों को दर्शाया गया। इस पहल के जरिए बच्चों को इन मूल्यों से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
गरबा-डांडिया की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में नन्हे विद्यार्थियों ने भक्ति गीतों की धुन पर गरबा और डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। हाथों में डांडिया लेकर पारंपरिक अंदाज में थिरकते बच्चों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के महत्व और नवरात्रि पर्व की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में भी जानकारी दी गई।

भारतीय संस्कृति से जोड़ने की पहल
विद्यालय में आयोजित इस उत्सव का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों और त्योहारों के महत्व से परिचित कराना था। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों में सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की डायरेक्टर रीनू, कोऑर्डिनेटर नम्रता चौहान, शिक्षिकाओं और समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा। बच्चों के उत्साह, रंग-बिरंगे परिधानों और भक्तिमय वातावरण के बीच नवरात्रि उत्सव का समापन हुआ।
