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रायगढ़।छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। गांजा चौक के बोहिदार पारा निवासी और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले दीपक शर्मा रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थें। बताया जा रहा है कि दीपक को पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन इसके बाद से उनकी कोई आधिकारिक जानकारी न तो परिवार को दी गई और न ही सार्वजनिक रूप से सामने आई है!

पुलिस की चुप्पी से भड़का जनआक्रोश, आंदोलन तेज होने के आसार
परिजनों और मोहल्ले वालों का कहना है कि दीपक शर्मा को पुलिस द्वारा उठाए जाने की जानकारी उन्हें मिली थी लेकिन इसके बाद से वे कहां हैं, किस थाने में रखे गए हैं या उन्हें रिहा किया गया है—इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा है। परिवार सुबह से कोतवाली थाने के चक्कर काट रहा था, लेकिन अब तक गुमशुदगी की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

दीपक की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर गांधी प्रतिमा पर धरना शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए दीपक के समर्थक और स्थानीय निवासी गांधी प्रतिमा के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।धरने में शामिल आशीष जायसवाल,रितेश तिवारी,सावन सोनी सहित अन्य लोगों ने कहा कि जब तक दीपक शर्मा की सुरक्षित वापसी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से तत्काल तलाशी अभियान शुरू करने और परिवार को हालात कि स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है।

कड़ाके की ठंड औऱ धरना जारी….☺️

सूत्रों का कहना है~कि इस मामले में पुलिस ने दीपक को उठाया….

अनुसूचित क्षेत्र में हजारों पुलिस फोर्स घुसाने की अनुमति किसने दी, एसपी साहब….???
गारे–पलमा सेक्टर-1, जो कि अनुसूचित क्षेत्र (Scheduled Area) है और PESA कानून के तहत संरक्षित क्षेत्र माना जाता है, वहाँ अचानक 1000 से ज़्यादा पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई.
अब बड़ा सवाल यह है—
इस संवैधानिक रूप से संरक्षित क्षेत्र में इतनी भारी पुलिस फोर्स को घुसाने की अनुमति किसने दी…?
क्या ग्राम सभा की अनुमति ली गई जैसा कि PESA एक्ट और 5वीं अनुसूची अनिवार्य करती है…?
क्या किसी शांतिपूर्ण विरोध को कुचलने के लिए पुलिस बल भेजना कानून व्यवस्था कहलाता है या फिर कॉर्पोरेट को बचाने की कार्रवाई…!!!
अनुसूचित क्षेत्रों में
ग्राम सभा सर्वोच्च है
सभी निर्णयों में ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है.
फिर भी गारे-पलमा में
ग्राम सभाओं को दरकिनार कर
फर्जी रिपोर्टों के आधार पर
हजारों पुलिस जवान उतार दिए गए.
एसपी साहब,
रायगढ़ की जनता पूछ रही है
क्या ये पुलिस कार्रवाई संविधान के 5वीं अनुसूची, PESA Act और आदिवासी अधिकारों के खिलाफ नहीं है?
किसके आदेश पर जनता के ऊपर इतना भारी पुलिस बल लगाया गया…?
लोकतंत्र में सवाल उठाना अपराध नहीं है…
लेकिन आज सवाल पूछने वालों को ही अपराधी बना दिया जा रहा है… 🇳🇪🇳🇪🇳🇪
साइबर पुलिस ने दीपक शर्मा को लिया हिरासत में…देखिए नीचे तस्वीर


चक्रधर नगर मरीन ड्राइव से तस्वीर साइबर पुलिस के साथ दीपक शर्मा….

साइबर पुलिस ने कल सुबह दीपक शर्मा को हिरासत में लेकर…तमनार थाने ले गई जहां तमनार पुलिस ने धारा 151 के तहत कार्रवाई की और एसडीएम कोर्ट में पेश करके रायगढ़ जेल भेजा!

सूत्रों के मुताबिक आज गांजा चौक निवासी और दीपक शर्मा के मित्र~घरघोड़ा न्यायालय में जमानत के लिए होंगे रवाना!
