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लगातार शिकायतों के बाद औचक निरीक्षण, घटिया निर्माण उजागर
तीन दिन में सुधार नहीं तो ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, इंजीनियरों पर होगी कड़ी कार्रवाई
रायगढ़।जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति लागू कर दी है। नगर पालिक निगम रायगढ़ के वार्ड क्रमांक 42 सोनूमुड़ा क्षेत्र में बीटी सड़क निर्माण में लगातार मिल रही अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री चतुर्वेदी ने मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण में गंभीर तकनीकी खामियां और गुणवत्ता से समझौते के स्पष्ट प्रमाण सामने आए। कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल सघन तकनीकी जांच कराई गई, जिसमें निर्माण कार्य में भारी लापरवाही उजागर हुई।
1.14 करोड़ की सड़क में घटिया सामग्री का उपयोग
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि राज्य शासन द्वारा 1 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से निर्मित की जा रही बीटी सड़क में ठेकेदार संजय केडिया की फर्म द्वारा मानकों के विपरीत घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है।

निरीक्षण के दौरान नई बनी सड़क की ऊपरी परत कई स्थानों पर उखड़ती हुई पाई गई, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
मौके पर ही कराई गई तकनीकी जांच
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने पीडब्ल्यूडी एवं नगर निगम अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही सड़क की तकनीकी जांच कराई। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है।

तीन दिन का अल्टीमेटम
कलेक्टर ने ठेकेदार एवं नगर निगम के कार्यपालन अभियंता को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि तीन दिवस के भीतर सड़क की सभी खामियों को दूर कर गुणवत्तापूर्ण सुधार कार्य किया जाए। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि तय समय-सीमा में सुधार कार्य पूरा नहीं होने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
इंजीनियरों और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय
कलेक्टर ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांच अनिवार्य रूप से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से कराई जाए।
जनहित में कोई समझौता नहीं
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने दो टूक कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में सड़क निर्माण सहित सभी विकास कार्यों की सतत निगरानी की जाएगी और गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, कार्यपालन अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
