रायगढ़ शहर व जिले की छोटी-बड़ी खबरों के लिए संपर्क करें~98279-50350
रायगढ़।नगर निगम ने बकाया कर वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। लंबे समय से टैक्स नहीं चुकाने वाले बड़े बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाते हुए निगम की संयुक्त टीम ने जूटमिल पर कुर्की नोटिस चस्पा किया, वहीं पेट्रोल पंप सहित पांच संस्थानों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से शहर के बकायेदारों में हड़कंप मच गया है।
26 लाख से ज्यादा बकाया पर जूटमिल पर कुर्की नोटिस
निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय के निर्देश पर राजस्व वसूली अभियान तेज किया गया है। इसी कड़ी में जूटमिल पर 26 लाख 38 हजार 418 रुपए का संपत्ति कर बकाया होने पर कुर्की नोटिस चस्पा किया गया।

सुबह निगम की टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार कार्रवाई को अंजाम दिया।
पेट्रोल पंप समेत 5 संस्थान सील
इसके बाद निगम की संयुक्त टीम ने बड़े बकायेदारों की सूची के आधार पर शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए पांच संस्थानों को सील कर दिया।
गोरखा-पतरापाली चौक स्थित सुनील गर्ग का पेट्रोल पंप
भगवानपुर में मुन्ना (पिता अब्दुल कलीम) का संस्थान
गौरंग सिंह सिदार का प्रतिष्ठान
चक्रधर नगर में कबाड़ी व्यवसायी अब्दुल सत्तार की दुकान
बाजीराव पारा मस्जिद के सामने नंदु सतनामी (केयर ऑफ प्रकाश अग्रवाल) का संस्थान
इन सभी पर लाखों रुपए का संपत्ति कर, जलकर व अन्य देय राशि बकाया थी।
नोटिस के बाद भी नहीं जमा किया टैक्स
निगम अधिकारियों के अनुसार सभी बकायेदारों को बार-बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद टैक्स जमा नहीं किया गया। इसके बाद निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कुर्की नोटिस चस्पा करते हुए संस्थानों को सील कर दिया।
अब और भी होगी सख्ती
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। बड़े बकायेदारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कुर्की, सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बकायेदारों से जल्द से जल्द टैक्स जमा करने की अपील की है।
अवकाश में भी खुलेगा राजस्व कार्यालय
निगम ने नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह भी जानकारी दी है कि राजस्व विभाग अवकाश के दिनों में भी खुला रहेगा, ताकि लोग आसानी से संपत्ति कर, जलकर और अन्य देय राशि जमा कर सकें।
कार्रवाई से मचा हड़कंप, ईमानदार करदाताओं ने सराहा कदम
निगम की इस सख्ती से बकायेदारों में जहां हड़कंप की स्थिति है, वहीं नियमित रूप से टैक्स जमा करने वाले नागरिकों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है।
