

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर,चौकी क्षेत्र अंतर्गत पोहा मिल में मिस्त्री मौत….
रायगढ़।जिला मुख्यालय से लगे कोड़ातराई के पोहा मिल में हुए हादसे में एक युवक की मौत हो गई। शिवम एग्रो मिल के 10 फीट गहरे टंकी में फंसे मक्के की सफाई के लिए उतरे मिस्त्री पर भूसे का ढेर गिरने से दबकर उसकी जिंदगी ही खत्म हो गई। जूटमिल पुलिस हादसे की तहकीकात में जुटी है। इस संबंध में उपनिरीक्षक आरएस नेताम ने बताया कि मूलत: बिहार प्रान्त के मुजफरनगर जिले के ग्राम भीलवाड़ा निवासी राजन कुमार दास आत्मज देवेन दास (20 वर्ष) कोड़ातराई स्थित शिवम एग्रो प्रोडक्ट में विगत 2 साल से मिस्त्री का काम करते हुए अपने गांव से
आए दो साथियों के साथ पोहा मिल परिसर में ही रहता था। रविवार देर शाम तकरीबन साढ़े 7 बजे राजन पोहा मिल की सफाई
करते हुए लगभग 10 फीट गहरे टंकी की तरफ पहुंचा तो पाया कि उसमें मक्का फंसा था।चूंकि,मक्का फंसने से मशीन ठीक से काम नहीं करती इसलिए राजन ने सुरक्षा के
लिहाज से अपने कमर में पट्टा लगाने की बजाए भूसे को पैर से दबाते हुए टंकी में उतरा।10 फीट नीचे टंकी में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के उपयोग जाकर फंसे
मक्के की साफ-सफाई में मशरूफ राजन को यही लापरवाही भारी पड़ी और भूसा उसके ऊपर जा गिरा। गहरे टंकी में भूसे के
ढेर के भीतर राजन इस कदर समाया कि उसके आसपास काम कर रहे साथियों को इसकी।भनक तक नहीं लगी। काफी देर बाद जब कामगारों को लगा कि गहरे टंकी
की सफाई के लिए नीचे उतरने वाला राजन ऊपर नहीं आया और उन्होंने टंकी से झांककर देखा तो भूसे के ढेर में उन्हें राजन का पांव ही नजर आया।फिर -क्या,किसी अनहोनी की आशंका से सिहरे कामगारों ने घटना की सूचना शिवम एग्रो के जिमेदार लोगों को
देते हुए भूसे में दबे राजन को आनन-फानन में बाहर निकाला तो पाया कि उसके सांसों की लडिय़ां टूटकर बिखर चुकी थी।ऐसे में
फिर दहशत के मारे कर्मचारियों ने काम करने से अपना हाथ खड़े करते हुए अपने साथी से बिछडऩे के गम में फूट-फूटकर रोने लगे। वहीं,पोहा मिल प्रबन्धन ने
कामगारों की मदद से राजन को लेकर जिला अस्पताल भी गए, मगर डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में उसे मृत घोषित कर दिया बहरहाल, अस्पताल की तहरीर पर जूटमिल पुलिस मर्ग कायमी के उपरांत इस हादसे को बेहद गंभीरता से लेते
हुए जांच इस बात की कर रही है कि इसमें लापरवाही कैसे और किससे हुई,ताकि दोषी पाए जाने पर उस पर कानूनी कार्रवाई की जा सके…!!!