रायगढ:अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा के संस्थापक सदस्य नेत्रानन्द इजारदार जी का देर रात्रि दिल का दौरा पड़ने से दुःखद निधन हो गयाl नेत्रानंद जी का निधन अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा के लिए अपूरणीय क्षति है l बनोरा ट्रस्ट के लिए समर्पित निष्ठावान सदस्य नेत्रानन्द जी जीवन अध्याय सदा के लिए समाप्त हो गया l यह सच है कि कोई दूजा नेत्रानन्द इजारदार नही हो सकता l आश्रम की समस्त मानव सेवी गतिविधियो के लिए समर्पित रहने वाले नेत्रानन्द इजारदार जी इस ट्रस्ट की बुनियाद रखने वालों में से एक थे lएक जुलाई 1947 में उनका ग्राम सरिया में जन्म हुआ और 1968 में शासकीय पोस्टल सर्विसेज से जुड़ेlउनकी पहली पोस्टिंग भी रायगढ में हुई और 2004 के दौरान रायपुर से सहायक निदेशक के पद पर रहते हुए रिटायरमेंट लिया l इस सेवा के पहले वे सरिया में ही अंग्रेजी के शिक्षक भी रहे l 1972 के दौरान उंन्हे बाबा प्रियदर्शी राम जी के गुरु अघोरेश्वर महाप्रभु का सानिध्य भी मिला lवे अघोरेश्वर महाप्रभु के महानिर्वाण तक सर्वेश्वरी समूह की मानव सेवी गतिविधियों से जुड़े रहे lउंन्होने रायगढ में अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा की नींव रखने के कार्य का श्रीगणेश किया l रिटायरमेंट के बाद उन्होजे अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट को ही अपना परिवार मान लिया था lबनोरा आश्रम की एक एक ईंट इजारदार जी के समर्पित जीवन के एक एक पल की साक्षी रही l इजारदार जी के स्तुत्य प्रयासो की वजह से रायगढ में अघोर पंथ की जड़े गहरी हो पाई l उनके दुःखद निधन की खबर से अघोर पंथियों की आंखे नम हो गई l इजारदार जी का प्रेरणा दाई जीवन समाज के लिए पथ प्रदर्शक की भूमिका निभाता रहेगा l बनोरा आश्रम से जुड़े आधा दर्जन से अधिक शाखाओं का लेखा कार्य नेत्रानन्द इजारदार जी देखते रहे l रिटायरमेंट के बाद पूरा जीवन रायगढ स्थित बनोरा आश्रम की मानव सेवी गतिविधियो के लिए समर्पित रहा l अपने पीछे ज्येष्ठ पुत्र शिवाकांत व अनुज पुत्र राहुल इजारदार को बिलखता छोड़ गए l बनोरा प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उनकी अंत्येष्टि अघोर परम्परा के अनुसार होगी lबुधवार प्रातः 8.30 बजे केलो विहार स्थित निवास स्थान से उनका अंतिम सफर मुक्तिधाम के लिए प्रारंभ होगा l उनकी अंत्येष्टि में सभी राज्यो में स्थित आश्रमो से जुड़े सदस्य शामिल होंगे l बनोरा प्रबंधन ने अपने इस सदस्य के निधन पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि ट्रस्ट ने आज एक समर्पित कर्मठ सदस्य सदा में लिए खो दिया l उनका निधन अपूरणीय क्षति है l परम पिता परमेश्वर से प्रार्थना करते हुए दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना भी प्रबंधन द्वारा की गई है l