प्रशासन के ठीक नाक के नीचे एक और अवैध प्लाटिंग की तैयारी
कौहाकुंडा प.चिरंजीव दास नगर के ठीक पीछे अवैध प्लाटिंग का बड़ा खेल खेलने जा रहे है जमीन कारोबारी
रायगढ़:-प्रशासन की हालिया सख्ती के बाद शहर में पुनः एक और अवैध प्लॉटिंग का मामला सामने आया है। अवैध प्लाटिंग की तैयारी बालसमुंद नाले से लगी हुई निजी भूमि पर जो कौहाकुंडा हल्के में स्थिति है लगभग की जा चुकी है। स्थानीय लोगों की माने तो हमेशा की तरह आँख बंद कर तमाशा देंखने वाले राजश्व विभाग के कुछ कर्मचारियों ने हाल ही में इस भूमि का सीमांकन भी कियॉ है। उनके बताए अनुसार प्लाटिंग के ओहले आवश्यक कंटूरिग भी जमीन कारोबारियों ने कर ली है। जिंससे इस बड़े भूखंड को कई छोटे-छोटे टुकड़ो में गैरकानूनी ढंग से बेचकर लाभ कमाया जा सके। हालांकि शहर में सिर्फ अकेले कौहाकुंडा में अवैध प्लाटिंग की तैयारी नही चल रही है। इसके लावा मेडिकल कालेज रोड,बोईरदादर,विजयपुर और पंडरी पानी के अलावा कोसमनारा तथा सांगीतराई में भी शहर के कुछ सक्रिय और नामचीन जमीन कारोबारियों ने स्थनीय दबंगों की सहायता से अवैध प्लाटिंग के कार्य को बेख़ौफ़ अंजाम देना शुरू कर दिया हैं।
वही कौहाकुंडा चिरंजीव दास नगर कालोनी के पीछे की जा रही अवैध प्लाटिंग की तैयारी सिर्फ इस वजह से चर्चा में बनी हुई है कि यहां काम करा रहे भूमाफिया के द्वारा j c b मशीन और ट्रेक्टर की सहायता से न केवल बालसमुंद नाले के पाट को बल्कि रेलवे की भूमि तक गैरकानूनी ढंग से पाटई करवाकर भूमि का रकबा बढ़ाने की जुगत लगाई जा रही है। आश्चर्य की बात तो यह है कि इतने बड़े भूखंड में पिछले 15 दिनों से भूमि पटाई का काम शुरू है,फिर भी हल्का पटवारी सहित राजश्व विभाग को इस कृत्य की जानकारी नही है। बीते कल स्थानीय लोगो के अनुरोध पर जब मीडिया कर्मी वहां पहुंचे तब जाकर यह मामला सामने आया।
हालाकि यह भी बताया जा रहा है कि अब तक अवैध प्लाटिंग के इस कृत्य की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को मिल चुकी है। राजश्व सूत्रों के अनुसार उक्त स्थल का निरीक्षण करने आज दोपहर sdm रायगढ़ दल बल सहित जा सकते है। जिसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि अवैध प्लाटिंग के इस कृत्य को वास्तव में कौन अंजाम दे रहा है? जबकि स्थानीय लोगों से पूछने पर उनके द्वारा कोई ऋषि,हलधर और गुड्डू तीन व्यक्तियों का नाम लिया गया था..!
यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि sdm रायगढ़ ने अभी हाल ही में शहर के अंदर जारी अवैध प्लाटिंग के गैरकानूनी कारोबार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के उद्देश्य से अनुविभाग के कुछ हल्कों में पटवारियों को छोटे-छोटे भूखण्डो के बिक्री नकल जारी नही करने का निर्देश भी जारी किया गया था।
जिसके बाद कुछ दिनों तक इस कृत्य में संलिप्त जमीन कारोबारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ था। परन्तु अधिवक्ताओं और तहसील कर्मियों के बीच उत्तपन्न हुए विवाद का लाभ उठाते हुए दोबारा कुछ भूमाफिया इन क्षेत्रों में चुपचाप सक्रिय हो गए।