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रायगढ़।धरमजयगढ़ में पुरुंगा कोल ब्लॉक के लिए होने वाली जनसुनवाई का विरोध अब दूसरे स्तर पर पहुंच गया है। दो दिनों तक कलेक्टोरेट के सामने धरना दे रहे आदिवासी ग्रामीण शुक्रवार दोपहर को अपने-अपने गांवों की ओर निकल पड़े। जनसुनवाई निरस्त करने की उनकी मांग को खारिज कर दिया गया। अब ग्रामीण निराश और नाराज होकर अपने गांवों, अपने जंगल, अपनी जमीन की सुरक्षा करने लौट गए हैं। धरमजयगढ़ में कोकदार, तेंदुमुड़ी, पुरुंगा और सामरसिंघा गांव की 870 हेक्टेयर जमीन के नीचे भूमिगत कोयला खदान शुरू होने वाला है। कोयला मंत्रालय ने प्राइवेट कंपनी अडाणी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स को आवंटन किया है। पांच गांवों के अलावा कई गांव इस खदान से अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे। प्रशासन ने आदिवासियों को समझाने का प्रयास किया था कि इसमें भू-अर्जन नहीं होगा। लेकिन भूमिगत खदान के दुष्प्रभावों ने ग्रामीणों के विरोध को हवा दे दी।नतीजन आक्रोशित ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में गुरुवार को कलेक्टोरेट पहुंच गए। कलेक्टर से धरना स्थल पर आमने-सामने चर्चा करने की मांग कर रहे ग्रामीणों को मायूसी हुई। एडीएम और एसडीएम ने मोर्चा संभाला था। पुलिस बल के सहारे आदिवासियों को नियंत्रित किया जा रहा था। गुरुवार को कोई बातचीत नहीं होने पर सैकड़ों आदिवासी पुरुष और महिलाएं कलेक्टोरेट के सामने ही खुले आसमान के नीचे सडक़ में धरने पर बैठ गए। 11 नवंबर को होने वाली जनसुनवाई निरस्त करने की मांग पर ग्रामीण कायम रहे। रात में महिलाएं भी अपने बच्चों को लेकर सडक़ पर बैठी रहीं। शुक्रवार सुबह से आंदोलनकारी फिर से उठ खड़े हुए। आक्रोशित ग्रामीणों ने नारेबाजी कर अपना गुस्सा जाहिर किया। लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। प्रशासन भी प्राइवेट कंपनी की जनसुनवाई निरस्त न करने के अपने निर्णय पर कायम रहा। निराश और नाराज ग्रामीण 11 नवंबर की जनसुनवाई का पुरजोर विरोध करने का अपना निर्णय प्रशासन को सुनाकर गांवों की ओर लौट गए।

नहीं होने देंगे जनसुनवाई कुलदीप नर्सिंग
11 तारीख को होने वाली प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में जबरदस्त नाराज़गी देखने को मिल रही है।बड़ी संख्या में पांच गांव के ग्रामीण जनसुनवाई स्थल पर एकत्र होंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी की परियोजना से उनकी खेती की ज़मीन,जल स्रोत और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा।

इस विरोध में अब रायगढ़ सब्जी मंडी के अध्यक्ष कुलदीप नर्सिंग ने भी ग्रामीणों के समर्थन में सैकड़ो की संख्या में जनसुनवाई स्थल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगें,कुलदीप ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ़ ग्रामीण किसानों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के हक़ और अस्तित्व की है।उन्होंने आगे कहा कि क्योंकि मैं एक सब्जी मंडी का जिला अध्यक्ष होने के नाते किसानों के लिए हर लड़ाई में साथ हूं और देते रहूंगा इस जनसुनवाई को स्थगित करने और ग्रामीण किसानों की आपत्तियों को प्राथमिकता से सुनने की मांग शासन प्रशासन से करेंगे।
