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जिले में औद्योगिक प्रदूषण को लेकर एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर गीला फ्लाई एश गिराते हुए परिवहन करते एक वाहन को परिवहन विभाग ने जांच के दौरान पकड़ा है।
यह वाहन एनटीपीसी लारा का बताया जा रहा है, जिस पर नियमों के उल्लंघन के चलते हजारों रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
बावजूद इसके, जिले में फ्लाई एश परिवहन को लेकर उद्योगों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है।
जुर्माने के बावजूद नहीं रुक रहा प्रदूषण, रोजाना सड़कों पर गिर रही राखड़
रायगढ़।जिले में पावर प्लांटों से निकलने वाला फ्लाई एश अब सबसे बड़ी पर्यावरणीय समस्या बनता जा रहा है। जुर्माने और नियमों के बावजूद गीले फ्लाई एश का अवैध परिवहन लगातार जारी है। रोजाना कई भारी वाहन गीला फ्लाई एश लेकर एनएच पर दौड़ रहे हैं, जिससे सड़कों पर राखड़ गिर रही है। सूखने के बाद यही राखड़ हवा में उड़कर वायु प्रदूषण को और भयावह बना रही है।
पर्यावरण विभाग की ओर से जारी एसओपी में स्पष्ट है कि किसी भी परिस्थिति में गीले फ्लाई एश का परिवहन प्रतिबंधित है!
लेकिन उद्योग इन नियमों…को..खुलेआम नजरअंदाज कर रहे हैं!!
जांच में पकड़ा गया!!

एनटीपीसी लारा का वाहन, 59,250 रुपये का जुर्माना
परिवहन विभाग द्वारा की गई सड़क जांच के दौरान एनटीपीसी लारा का वाहन क्रमांक सीजी 13 एटी 1922 पकड़ा गया। वाहन में गीला फ्लाई एश लोड था, जो पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरता हुआ जा रहा था,आईडब्ल्यूएमएमएस पोर्टल के अनुसार ट्रेलर में 39.5 मीट्रिक टन फ्लाई एश पाया गया। नियमों के तहत 1500 रुपये प्रति टन के हिसाब से एनटीपीसी लारा पर 59,250 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, सड़क पर बिखरे फ्लाई एश को तत्काल साफ कराने का आदेश भी दिया गया है।

फर्जी यूटीलाइजेशन और अवैध डंपिंग का आरोप, कई उद्योग जांच के घेरे में
जानकारी के अनुसार जिन पावर प्लांटों के पास एश डाइक की सुविधा है, वे कागजों में भंडारण और निष्पादन दिखा रहे हैं, जबकि जिनके पास एश डाइक नहीं है, वे फ्लाई एश को खुले में और लो-लाइंग एरिया में डंप कर रहे हैं। आरोप है कि प्लांटों द्वारा बताए जा रहे फ्लाई एश यूटीलाइजेशन के आंकड़े भी फर्जी हैं, क्योंकि उनके उपयोग का कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है!!

इसी क्रम में एक अन्य वाहन क्रमांक सीजी 04 क्यूजी 3355 को भी गीला फ्लाई एश गिराते हुए देखा गया, जो खरसिया की ओर से सारंगढ़ एनएच की तरफ जा रहा था। यह वाहन किस उद्योग और किस ट्रांसपोर्टर से जुड़ा है, इसकी जांच पर्यावरण विभाग द्वारा की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक यह वाहन भी एनटीपीसी लारा से संबंधित हो सकता है!!

उद्योगों और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत से बढ़ रहा खतरा
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि उद्योगों और ट्रांसपोर्टरों की आपसी मिलीभगत के चलते नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो फ्लाई एश से होने वाला प्रदूषण जिले के लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में आगे कितनी सख्ती दिखाता है और दोषी उद्योगों पर क्या कार्रवाई होती है।






