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रायगढ़ और कोरबा जिले के सीमावर्ती इलाकों में बीते करीब दो महीनों से संगठित जुए का अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है।विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र अंतर्गत तरेकेला गांव के दो से तीन व्यक्ति इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं।
जगह बदल-बदलकर खेला जा रहा जुआ, जंगलों को बनाया गया सेफ जोन
जुआरियों ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए सीमावर्ती जंगलों को सुरक्षित ठिकाना (सेफ जोन) बना लिया है।
कभी रामपुर चौकी क्षेत्र के रामपुर व नोनदरहा के जंगलों, तो कभी छाल थाना क्षेत्र के पोड़ी और महराजगंज के जंगलों में जुए की महफिल सजा दी जाती है।
हर दिन ठिकाना बदलने से पुलिस तक पुख्ता सूचना पहुंचने से पहले ही जुआरी फरार हो जाते हैं।
तीन जिलों के खिलाड़ी, लाखों रुपए का दांव~सूत्रों की मानें तो इन अवैध जुए की बैठकों में कोरबा, रायगढ़ और शक्ति जिले के जुआरियों को बुलाया जाता है।रोजाना 52 पारियों का खेल खेला जा रहा है, जिसमें लाखों रुपए का लेन-देन होने की चर्चा है। जंगलों के भीतर देर रात तक यह खेल चलता रहता है, जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी भय का माहौल है।
रायगढ़ से आकर कोरबा सीमा में सजा रहे जुए का खेल, पुलिस पर उठे सवाल
चौंकाने वाली बात यह है कि जुए का संचालन करने वाले लोग रायगढ़ जिले से आकर कोरबा सीमा क्षेत्र में बेखौफ होकर यह अवैध गतिविधि चला रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि कोरबा और रायगढ़ पुलिस इस गंभीर मामले पर कब और किस तरह संज्ञान लेती है, या फिर सीमावर्ती इलाका यूं ही जुआरियों का सुरक्षित ठिकाना बना रहेगा।
