रायगढ़ शहर व जिले की छोटी-बड़ी खबरों के लिए संपर्क करें~98279-50350
रायगढ़।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के सख्त दिशा-निर्देशन में रायगढ़ जिले में अवैध गतिविधियों—जुआ-सट्टा, अवैध शराब एवं अनैतिक देह व्यापार—के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में बीती रात नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में केलो बिहार कॉलोनी में देह व्यापार के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया गया।

पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि केलो बिहार कॉलोनी स्थित संतोष सोनी के मकान में किरायेदार डिंपी उर्फ राहुल इजारदार द्वारा बाहर से महिलाओं को लाकर देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसएसपी शशि मोहन सिंह को अवगत कराया गया, जिनके मार्गदर्शन में थाना चक्रधरनगर एवं साइबर पुलिस थाना की संयुक्त टीम गठित कर सुनियोजित रेड की गई।

पुलिस ने पहले एक पाइंटर को ग्राहक बनाकर तय रकम के साथ मकान भेजा। जैसे ही पाइंटर से तय संकेत प्राप्त हुआ, टीम ने मकान की घेराबंदी कर अचानक छापा मारा। मौके पर मकान के अंदर तीन महिलाएं, पुलिस पाइंटर, मुख्य आरोपी डिंपी उर्फ राहुल इजारदार एवं एक अन्य व्यक्ति नागेंद्र विश्वकर्मा निवासी कोतरारोड पाए गए।
तलाशी के दौरान मकान से देह व्यापार में प्रयुक्त कई आपत्तिजनक सामग्री, मोबाइल फोन एवं नकद रकम बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी नागेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि डिंपी इजारदार महिलाओं को पैसों का लालच देकर किराये के मकान में वेश्यावृत्ति करवाता था तथा स्वयं इसका संचालन, प्रबंधन और दलाली करता था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 32/2026, धारा 3, 4, 5 अनैतिक देह व्यापार (पीटा) अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।
👮♂️ गिरफ्तार आरोपी
डिंपी उर्फ राहुल इजारदार, पिता जीवनलाल इजारदार, उम्र 40 वर्ष, निवासी केलो बिहार, थाना चक्रधरनगर, रायगढ़
नागेंद्र विश्वकर्मा, पिता विनोद विश्वकर्मा, उम्र 35 वर्ष, निवासी गणेश चौक, थाना कोतरारोड, रायगढ़
📢 एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि जिले में किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अपराधों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्यवाही जारी रहेगी।
इस सफल कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर) अनिल विश्वकर्मा, सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में थाना चक्रधरनगर एवं साइबर थाना की टीम, महिला पुलिस बल सहित कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
