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रायगढ़ (छत्तीसगढ़)।शहर के बड़े रामपुर क्षेत्र में इन दिनों भूमि माफियाओं का आतंक चरम पर है। न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद कुछ दबंग किस्म के लोगों द्वारा वर्षों से बसे नागरिकों को डराया-धमकाया जा रहा है, उनसे अवैध वसूली की जा रही है और जबरन कब्जे का प्रयास खुलेआम किया जा रहा है।
कोर्ट में केस, फिर भी दबंगों की मनमानी — JCB और गुंडों के सहारे दहशत
पीड़ितों के अनुसार विवादित भूमि का मामला वर्तमान में सिविल न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद अनिल गुप्ता (निवासी ग्राम मिडमिड़ा) और अन्य साथियों के साथ इलाके में पहुंचकर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
कभी जे.सी.बी. मशीन लाकर जमीन समतल करने का प्रयास किया जाता है, तो कभी असामाजिक तत्वों के साथ आकर खुलेआम धमकियां दी जाती हैं।पीड़ितों का कहना है कि मोबाइल फोन के माध्यम से भी लगातार डराया जा रहा है।
गलत खसरा नंबर का नोटिस थमा कर रची जा रही साजिश
पीड़ित शेख नियाज का आरोप है कि उनकी वास्तविक काबिज भूमि खसरा नंबर 172 है!!
लेकिन जानबूझकर खसरा नंबर 171 (रकबा 0.344 हेक्टेयर) का नोटिस थमा दिया गया। इसी तरह अन्य निवासियों की जमीन पर भी गलत दस्तावेजों के आधार पर कब्जे की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है, ताकि वर्षों से बसे परिवारों को बेदखल किया जा सके।
रंगदारी वसूली का आरोप, कई लोग पहले ही बन चुके हैं शिकार
पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त व्यक्ति क्षेत्र के हिसाब से रकम (रंगदारी) की मांग करते हैं और कई लोगों से अवैध वसूली पहले ही की जा चुकी है। डर और दबाव के कारण अधिकांश लोग सामने आने से बच रहे हैं, लेकिन अब पीड़ितों ने खुलकर पुलिस से शिकायत की है।
पुलिस प्रशासन पर सवाल —कब रुकेगा भूमि माफियाओं का खेल?
पीड़ितों द्वारा सिटी कोतवली थाना और पुलिस अधीक्षक रायगढ़ को लिखित शिकायत दी गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब मामला न्यायालय में है, तो दबंग किस आधार पर कानून अपने हाथ में ले रहे हैं?
क्या प्रशासन समय रहते कार्रवाई करेगा या फिर भूमि माफिया इसी तरह आम नागरिकों को डराते रहेंगे?
कहते हैं…पीड़ित
