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रायगढ़।जिले के NTPC लारा परियोजना एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। यहां से निकलने वाली फ्लाई ऐश के परिवहन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि फ्लाई ऐश से भरे ट्रक खुलेआम ओवरलोड होकर प्लांट से बाहर निकल रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस पर अलग-अलग बयान देकर मामले को उलझा रहे हैं।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, एनटीपीसी लारा से प्रतिदिन बड़ी संख्या में फ्लाई ऐश से भरे वाहन निकलते हैं। इनमें से कई ट्रक तय मानकों से अधिक लोड लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं बल्कि सड़क सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ रहा है।
Igसबसे बड़ा सवाल तब खड़ा होता है जब अधिकारी एक ओर यह कहते हैं कि “किसी भी तरह की चोरी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी”, वहीं दूसरी ओर यह भी स्वीकारते हैं कि “हमारा माल बाहर जाना चाहिए, चाहे वह ओवरलोड ही क्यों न हो।” इस तरह के विरोधाभासी बयानों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि फ्लाई ऐश के परिवहन में कहीं न कहीं सिस्टम की अनदेखी या मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। नियमों के मुताबिक तय वजन सीमा से अधिक लोडिंग पूरी तरह अवैध है, इसके बावजूद यदि लगातार ओवरलोड वाहन निकल रहे हैं तो जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि जल्द ही एक टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। इस टीम द्वारा ओवरलोडिंग, परिवहन प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो यह न सिर्फ राजस्व नुकसान बल्कि बड़े हादसों का कारण भी बन सकता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाता है।
