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रायगढ़। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं, श्रमिकों की मौतों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ जिला युवा कांग्रेस ने सोमवार को बड़ा और ऐतिहासिक आंदोलन किया। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग कार्यालय का घेराव कर कार्यकर्ताओं ने तालाबंदी कर दी। इस दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
यह आंदोलन जिले में पहली बार इस विभाग के खिलाफ इतने बड़े स्तर पर किया गया, जिससे प्रशासन और उद्योग जगत में हलचल मच गई।
“मुआवज़ा नहीं, सुरक्षा चाहिए” — नारेबाजी से गूंजा परिसर
हादसों के बाद कार्रवाई नहीं होने पर जताया आक्रोश
प्रदेश महासचिव राकेश पांडेय और जिला अध्यक्ष उस्मान बेग के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में युवा कांग्रेसी, कांग्रेसजन और श्रमिक हित से जुड़े लोग एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि हर बड़ी दुर्घटना के बाद केवल मुआवज़ा देकर मामले को दबा दिया जाता है, जबकि पहले से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती।
रूपाणाधाम स्टील हादसे ने भड़काया गुस्सा
श्रमिक दीपक चौहान की मौत को बताया लापरवाही का नतीजा आंदोलन के दौरान पूंजीपथरा स्थित रूपाणाधाम स्टील प्रा. लि. में हाल ही में हुए हादसे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया, जिसमें श्रमिक दीपक चौहान की दर्दनाक मौत हो गई थी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह घटना औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय-समय पर निरीक्षण, सेफ्टी ऑडिट और जिम्मेदार प्रबंधन पर कार्रवाई होती, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
“श्रमिकों की जान की कीमत मुआवज़ा नहीं” — राकेश पांडेय
सुरक्षा मानकों के पालन तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी प्रदेश महासचिव राकेश पांडेय ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक घटना का विरोध नहीं, बल्कि जिले के हजारों श्रमिकों के जीवन और सम्मान की लड़ाई है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उद्योगों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, जवाबदेही तय करने की व्यवस्था और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
“अब हर हादसे पर होगा जवाब” — उस्मान बेग
पहली बार विभाग के खिलाफ आंदोलन को बताया चेतावनी
जिला अध्यक्ष उस्मान बेग ने कहा कि जिले में पहली बार श्रमिक सुरक्षा के मुद्दे पर विभाग का घेराव किया गया है। यह आंदोलन एक चेतावनी है कि अब लगातार हो रही दुर्घटनाओं को सामान्य मानकर नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने सभी उद्योगों में अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट, ऊँचाई पर काम करने के लिए सुरक्षा उपकरण और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन और विभाग ने दिया आश्वासन
संयुक्त समीक्षा बैठक और निरीक्षण अभियान की घोषणा
आंदोलन की गंभीरता को रदेखते हुए विभागीय अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। लंबे समय तक चली नारेबाजी और चर्चा के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिले के सभी प्रमुख उद्योगों की संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सुरक्षा उपकरण, कार्यस्थल मानक, निरीक्षण व्यवस्था और दुर्घटना रोकथाम उपायों की समीक्षा की जाएगी।
साथ ही रूपाणाधाम सहित हालिया घटनाओं की तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई।
कांग्रेस नेताओं ने दिया समर्थन
बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव, विकास शर्मा, विकास ठेठवार, संदीप अग्रवाल, अनुराग गुप्ता, सत्यप्रकाश शर्मा सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया, लेकिन युवा कांग्रेस ने साफ कर दिया कि मांगें पूरी नहीं होने पर आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जिले में चर्चा का विषय बना आंदोलन
श्रमिक सुरक्षा पर बहस तेज
सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भागीदारी और जोरदार प्रदर्शन के चलते यह आंदोलन पूरे जिले में चर्चा का विषय बना रहा। औद्योगिक क्षेत्रों में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर अब एक नई बहस छिड़ गई है।
