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खरसिया में अग्रवाल गुड़ाखू फैक्ट्री के खिलाफ फूटा गुस्सा, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
सांस लेना हुआ मुश्किल: तम्बाकू के धुएं से बीमार हो रहे बच्चे और बुजुर्ग
कार्रवाई नहीं हुई तो NGT और हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
रायगढ़।खरसिया के डभरा रोड स्थित वार्ड क्रमांक 15/16 में संचालित अग्रवाल गुड़ाखू फैक्ट्री के खिलाफ मोहल्लेवासियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। स्थानीय निवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) से मिलकर फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से बंद कराने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है।

मोहल्लेवासियों का आरोप है कि फैक्ट्री में गुड़ाखू बनाने के दौरान तम्बाकू की पिसाई की जाती है, जिससे जहरीली धूल और कण हवा में फैलकर पूरे क्षेत्र को प्रदूषित कर रहे हैं। इससे आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
हवा में घुल रहा जहर, सांस लेना हो रहा मुश्किल
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि तम्बाकू पिसाई के दौरान उड़ने वाली धूल पूरे मोहल्ले में फैल जाती है, जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बिना इच्छा के ही वे रोज जहरीले तम्बाकू कणों को सांस के जरिए शरीर में ले रहे हैं।
रिहायशी इलाके में फैक्ट्री संचालन पर उठे सवाल
मोहल्लेवासियों ने यह भी सवाल उठाया है कि आखिर रिहायशी क्षेत्र के बीच इस तरह की फैक्ट्री को संचालन की अनुमति कैसे दी गई। उनका कहना है कि यह मामला जांच का विषय है और वर्षों से यह अवैध गतिविधि बिना रोक-टोक जारी है।
कैंसर और श्वास रोग का बढ़ता खतरा
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि क्षेत्र में कुछ लोगों की मौत कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। गुड़ाखू में मौजूद तम्बाकू और निकोटीन शरीर के लिए बेहद हानिकारक होते हैं, जो मुंह, गले, फेफड़े और पेट के कैंसर के साथ-साथ हृदय रोग और उच्च रक्तचाप का कारण बनते हैं।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
मोहल्लेवासियों के अनुसार, उन्होंने कई बार फैक्ट्री प्रबंधन से इस समस्या को लेकर शिकायत की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। इसके बावजूद फैक्ट्री का संचालन बदस्तूर जारी है।

एसडीएम को दिए गए आवेदन में निवासियों ने फैक्ट्री को तत्काल बंद कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
एसडीएम खरसिया ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
