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खरसिया में सड़क के गड्ढे में बैठकर हुआ अनोखा प्रदर्शन, भारी वाहनों की आवाजाही से परेशान ग्रामीणों ने उठाई तत्काल मरम्मत की मांग
रायगढ़।खरसिया विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से जर्जर सड़क की समस्या अब एक बार फिर सुर्खियों में है। ग्राम नावांगांव के बीच से गुजरने वाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों और उनमें भरे बारिश के पानी के बीच ग्रामीणों ने जिम्मेदारों के खिलाफ विरोध जताते हुए तत्काल सड़क मरम्मत की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि राजन कोल वाशरी एवं राबर्टसन रेलवे साइडिंग में लगातार चलने वाले भारी वाहनों के कारण सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गड्ढे में बैठकर जताया विरोध
ग्रामीणों की समस्या को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ सड़क की स्थिति का जायजा लिया और विरोध स्वरूप सड़क पर बने पानी से भरे गड्ढे में बैठकर धरना-प्रदर्शन किया।

रवि भगत ने इस अनोखे प्रदर्शन के जरिए जिम्मेदारों का ध्यान क्षेत्र की सड़क समस्या की ओर आकर्षित किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से जर्जर सड़क की समस्या झेल रहे हैं। 16 साल से सड़क की बदहाली लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

अब क्षेत्रवासियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क का स्थायी समाधान चाहिए।
भारी वाहनों से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि नावांगांव क्षेत्र की सड़क पर भारी वाहनों का लगातार दबाव है।कोल वाशरी और रेलवे साइडिंग से जुड़े वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क की स्थिति लगातार खराब होती गई।

सड़क पर गड्ढों की संख्या बढ़ती जा रही है और बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है।गड्ढों में पानी भरे होने के कारण वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता!जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के आवागमन के साथ स्कूली बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और अन्य राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों ने रखी तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत, भारी वाहनों की आवाजाही से उत्पन्न हो रही समस्या का स्थायी समाधान और क्षेत्रवासियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों की रोजमर्रा की जरूरत है। लंबे समय तक सड़क की अनदेखी होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

अब सवाल कार्रवाई का
नावांगांव की सड़क को लेकर हुए इस प्रदर्शन के बाद अब लोगों की नजर जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क के सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
सड़क के गड्ढे में बैठकर किया गया यह प्रदर्शन अब जिम्मेदारों के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि ग्रामीणों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर वास्तविक काम चाहिए।
ग्रामीणों का सवाल साफ है—आखिर कब सुधरेगी नावांगांव की सड़क?






