रायगढ़ शहर व जिले की छोटी-बड़ी खबरों के लिए संपर्क करें~98279-50350

रायगढ़।बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर अब छत्तीसगढ़ में साफ दिखाई देने लगा है। समुद्र में बना डिप्रेशन तेजी से मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में तब्दील हो रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी से अति भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने बस्तर संभाग के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में येलो अलर्ट के तहत सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम तंत्र के प्रभाव से कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ डीप डिप्रेशन
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर सक्रिय था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और इसके दक्षिण ओडिशा तथा उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र को पार करने का अनुमान लगाया गया।
मौसम तंत्र के आगे बढ़ने के साथ इससे जुड़ी नमी छत्तीसगढ़ की ओर पहुंच रही है। यही वजह है कि प्रदेश के दक्षिणी जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है।

बस्तर संभाग में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर,दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर कम समय में अधिक बारिश होने की स्थिति बन सकती है। इसके कारण ग्रामीण और निचले इलाकों में जलभराव, कच्चे रास्तों पर आवागमन प्रभावित होने तथा नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।

रायपुर समेत इन जिलों में भी अलर्ट
दक्षिण छत्तीसगढ़ के अलावा मौसम प्रणाली का प्रभाव प्रदेश के मध्य और मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई दे सकता है। रायपुर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, दुर्ग, बेमेतरा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, नारायणपुर और कांकेर में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।राजधानी रायपुर में भी दिनभर बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

रायगढ़ में भी मौसम बदलने के आसार
मौसम प्रणाली का असर रायगढ़ जिले में भी देखने को मिल सकता है। जिले में बादल छाए रहने के साथ कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों, निर्माणाधीन ढांचों और कमजोर पेड़ों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है।
विशेषकर बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
तापमान में भी बदलाव
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान पेण्ड्रा रोड में 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
वहीं बारिश के आंकड़ों में कवर्धा में करीब 4 सेंटीमीटर, जबकि राजपुर और कोटा में 3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। चांदो, भैयाथान, मरवाही और दर्री में करीब 2 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
आकाशीय बिजली से रहें सावधान
मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिजली चमकने के समय खुले मैदान में खड़े होने, पेड़ के नीचे आश्रय लेने और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना चाहिए।
प्रशासन ने भी निचले इलाकों और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी है।
अगले 48 घंटे अहम
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण अगले 48 घंटे छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दक्षिणी जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम खराब होने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।
