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रायगढ़, 29 सितंबर 2026।
चक्रधरनगर थाना क्षेत्र से आदिवासी महिला की जमीन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम नवापाली निवासी सरस्वती सिदार, पति मोहन सिंह सिदार, जाति गोंड़ ने आरोप लगाया है कि महज 1 लाख 50 हजार रुपये की उधारी के मामले को आधार बनाकर उसकी जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के जरिए अपने नाम कराने की कोशिश की गई। महिला ने इस पूरे मामले को लेकर चक्रधरनगर थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में सरस्वती सिदार ने बताया है कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उसे निजी कार्य के लिए पैसों की आवश्यकता थी। इसी दौरान उसने डूंगसूड़ा निवासी नरोत्तम चौहान से कथित तौर पर 1 लाख 50 हजार रुपये 2 प्रतिशत मासिक ब्याज पर उधार लिए थे। महिला का कहना है कि उसकी जमीन खसरा नंबर 08 में उसके चाचा जगत सिदार के साथ संयुक्त खाते में दर्ज है।
राजस्व बंटवारे के दौरान सामने आया मामला
पीड़िता के मुताबिक, राजस्व बंटवारे की प्रक्रिया के दौरान उसे अपनी जमीन के संबंध में ऐसी जानकारी मिली, जिससे वह कथित तौर पर हैरान रह गई। उसका आरोप है कि उसकी जानकारी और सहमति के बिना जमीन से संबंधित बिक्री दस्तावेज तैयार कर दिए गए तथा राजस्व रिकॉर्ड में भी नामांतरण करा दिया गया।
महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी अनपढ़ता का फायदा उठाते हुए कोरे स्टाम्प पर हस्ताक्षर/अंगूठा निशान लिया गया था। बाद में इसी का कथित रूप से इस्तेमाल जमीन से संबंधित दस्तावेज तैयार करने में किया गया।
ऋण पुस्तिका अपने पास रखने का भी आरोप
सरस्वती सिदार ने शिकायत में हलधर चौधरी और अन्य लोगों पर उसकी ऋण पुस्तिका अपने पास रखने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि वह उधार ली गई रकम को ब्याज सहित वापस करने के लिए तैयार है,लेकिन इसके बावजूद उसकी ऋण पुस्तिका वापस नहीं की जा रही है।शिकायत के अनुसार, जब वह रकम लौटाकर अपनी ऋण पुस्तिका लेने की बात करती है, तब कथित तौर पर उसके साथ जाति को लेकर गाली-गलौज की जाती है तथा जमीन कम कीमत में हड़प लेने की धमकी दिए जाने का भी आरोप है।
चार लोगों के नाम लेकर साजिश का आरोप
पीड़िता ने अपने आवेदन में हलधर चौधरी, नरोत्तम चौहान, गिरधारी पटेल और राजेश देवांगन के नाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि इन लोगों द्वारा कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी जमीन हड़पने की साजिश की गई।
महिला ने पुलिस को दिए आवेदन में यह भी कहा है…
कि वह एक अनपढ़ आदिवासी महिला है और इसी स्थिति का कथित तौर पर फायदा उठाया गया। उसने पुलिस से दस्तावेजों की जांच, भूमि रिकॉर्ड की जांच और पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल करने की मांग की है।
SC/ST एक्ट समेत कार्रवाई की मांग
सरस्वती सिदार ने शिकायत में कथित जातिगत दुर्व्यवहार और जमीन से जुड़े आरोपों को गंभीर बताते हुए अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा धोखाधड़ी से संबंधित लागू कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।
अब इस शिकायत के बाद पुलिस जांच में कई सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं—बिक्रीनामा कब और कैसे तैयार हुआ?दस्तावेजों पर हस्ताक्षर अथवा अंगूठा निशान किस परिस्थिति में लिया गया? राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण किस आधार पर हुआ?

और डेढ़ लाख रुपये के कथित कर्ज के बदले जमीन संबंधी दस्तावेज कैसे अस्तित्व में आए?
चक्रधरनगर थाना प्रभारी ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस की जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
