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कायाघाट में आबकारी टीम की दबिश के बाद मचा हड़कंप, मोहल्लेवासियों का दावा—100 से अधिक शराब वाले बैग की बरामदगी के बाद कई सवाल अनुत्तरित

रायगढ़। गांधी जयंती के दिन जहां पुलिस विभाग द्वारा अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने आई, वहीं शहर के कायाघाट क्षेत्र में आबकारी विभाग की कथित कार्रवाई अब चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार देर शाम आबकारी विभाग की एक टीम ने कायाघाट क्षेत्र में सोनू टंडन एवं उसके रिश्तेदारों के यहां दबिश दी।बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में अवैध शराब मिली। स्थानीय लोगों का दावा है कि एक बैग में 100 से अधिक शराब की बोतलें/पाव बरामद किए गए थे। हालांकि, शराब की वास्तविक मात्रा, ब्रांड/प्रकार और जब्ती का पूरा विवरण आबकारी विभाग की ओर से आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है।

इसी वजह से अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर मौके पर कितनी शराब मिली थी और सरकारी रिकॉर्ड में कितनी शराब की जब्ती दिखाई गई? मोहल्लेवासियों का सवाल—अगर बैग मिला था तो उसका पूरा हिसाब कहां?कायाघाट के कुछ मोहल्लेवासियों का आरोप है कि दबिश के दौरान शराब से भरा बैग बरामद हुआ था। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिली थी, तो उसका स्पष्ट उल्लेख जब्ती पंचनामा और प्रकरण के दस्तावेजों में होना चाहिए।
स्थानीय लोगों का सीधा सवाल है—
“मौके से शराब का बैग बरामद हुआ था तो उसकी पूरी मात्रा कितनी थी? जब्ती में कितनी शराब दिखाई गई? और यदि मात्रा अलग है तो इसकी वजह क्या है?”
इन सवालों को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।


🚨 धारा 34(2) में कार्रवाई की चर्चा, लेकिन पूरा विवरण सामने आने का इंतजार
मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, प्रकरण में वास्तव में कितनी शराब जब्त की गई और किन-किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, इसका विस्तृत आधिकारिक विवरण फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुआ है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि विभाग कार्रवाई से संबंधित तथ्य सार्वजनिक करे, ताकि किसी तरह की अफवाह या भ्रम की स्थिति न रहे।

लेन-देन के आरोपों से गरमाया मामला
दूसरी ओर, कुछ मोहल्लेवासियों द्वारा कार्रवाई को लेकर कथित लेन-देन की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, यह गंभीर आरोप है और इसकी स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
ऐसे में इस आरोप को फिलहाल केवल स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले की वास्तविकता जांच अथवा विभागीय स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।❓

पुलिस की कार्रवाई सामने आई तो आबकारी की कार्रवाई पर सवाल क्यों?
गांधी जयंती के दिन अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद लोगों की नजर आबकारी विभाग की कार्रवाई पर भी गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में बरामदगी और जब्ती की पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। यदि किसी स्थान से बड़ी मात्रा में शराब बरामद होती है तो उसकी पूरी मात्रा का रिकॉर्ड सामने आना चाहिए।

अब सवाल यह है कि कायाघाट में आबकारी टीम को वास्तव में कितनी शराब मिली? कितनी शराब जब्त की गई? जब्ती पंचनामा में क्या दर्ज है? और मोहल्लेवासियों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर विभाग का क्या कहना है?
आबकारी विभाग के आधिकारिक जवाब का इंतजार
फिलहाल कायाघाट का यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। मामले में सबसे महत्वपूर्ण होगा आबकारी विभाग का आधिकारिक पक्ष।
यदि विभाग बरामद शराब की मात्रा, जब्ती विवरण, प्रकरण क्रमांक और कार्रवाई की पूरी जानकारी सामने रखता है, तो इस मामले को लेकर उठ रहे सवालों की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

