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रायगढ़,3 अक्टूबर 2026। साइबर अपराधों के प्रति आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए गए “साइबर जागृति अभियान” के तहत आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का भव्य समापन एवं सम्मान समारोह 3 अक्टूबर को पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम, रायगढ़ में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रायगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव को लेकर तैयार की गई विशेष जागरूकता लघु फिल्म “The Cyber Trap” की स्क्रीनिंग भी की गई।
कार्यक्रम ने साइबर सुरक्षा के गंभीर संदेश को सिनेमा, रचनात्मकता और युवाओं की प्रतिभा के साथ जोड़ते हुए एक प्रभावी जनजागरूकता पहल का स्वरूप लिया। प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा तथा सतर्कता जैसे विषयों को अपनी फिल्मों के माध्यम से रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।

युवाओं को साइबर जागरूकता के दूत बनाने पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रदेश में संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत चिन्हित 25 सेवा गतिविधियों में साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ रही है। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही डिजिटल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोचक और रचनात्मक माध्यमों से साइबर अपराध से बचाव की जानकारी देना रायगढ़ पुलिस की सराहनीय पहल है। उन्होंने युवाओं से स्वयं साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
उन्होंने युवाओं को “साइबर जागरूकता के दूत” के रूप में भूमिका निभाने पर जोर दिया।
AI और आधुनिक तकनीक के जनहित में इस्तेमाल पर जोर
कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने साइबर जागृति अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि AI और आधुनिक तकनीक का उपयोग यदि जागरूकता और जनहित के लिए किया जाए तो यह समाज को सुरक्षित बनाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। रायगढ़ पुलिस द्वारा युवाओं की प्रतिभा को साइबर सुरक्षा के संदेश के साथ जोड़ना इसी दिशा में एक सार्थक पहल है।
सात सप्ताह में करीब 2 लाख लोगों तक पहुंचा अभियान
रायगढ़ जिले में साइबर जागरूकता अभियान की जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि डिजिटल युग में साइबर अपराध पुलिस और समाज के सामने लगातार उभरती चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” चलाया गया।
उन्होंने बताया कि अभियान के सात सप्ताह के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न माध्यमों से लगभग 2 लाख लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के दौरान नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों, फर्जी लिंक, संदिग्ध कॉल, डिजिटल फ्रॉड, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
इसी अभियान के तहत “संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता को साइबर सुरक्षा के संदेश से जोड़कर उसे अधिक प्रभावी तरीके से समाज तक पहुंचाना था।
11 राज्यों के 35 जिलों से पहुंचीं 162 फिल्में
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता को देशभर से अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला। प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। खास बात यह रही कि भारत के विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों के साथ रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि प्राप्त हुई।
इससे प्रतियोगिता के व्यापक स्तर और साइबर जागरूकता के संदेश की पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है। युवाओं और फिल्म निर्माताओं ने साइबर अपराधों के विभिन्न पहलुओं को अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से प्रस्तुत किया।
‘The Cyber Trap’ ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश
समारोह के दौरान रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार विशेष साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म “The Cyber Trap” की स्क्रीनिंग की गई। यह फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थी, बल्कि आम नागरिकों को साइबर अपराधों के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अलग से तैयार की गई है।
फिल्म में मुख्य किरदारों में एसएसपी शशि मोहन सिंह, अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष श्रीवास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दिपेश महंत, हर्ष बैरागी सहित रायगढ़ पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी नजर आए।
फिल्म की कहानी एवं निर्देशन ऋभू समर्थ सिंह द्वारा किया गया है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता निर्देशक सहित प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए फिल्म निर्माण और कला के क्षेत्र से जुड़े अनुभवी एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया था। निर्णायक मंडल में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म “भूलन: द मेज़” के निर्देशक मनोज वर्मा, देश-विदेश में अपने फिल्मी कार्यों के लिए पहचान बना चुके योगेंद्र चौबे तथा अनुभवी रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार एवं अभिनय प्रशिक्षक सुनील चिपड़े शामिल रहे।
निर्णायक मंडल के सदस्यों ने बताया कि प्रतियोगिता में प्राप्त फिल्मों की गुणवत्ता और रचनात्मकता प्रभावशाली रही। दोनों श्रेणियों में शीर्ष तीन फिल्मों का चयन चुनौतीपूर्ण रहा और कई प्रविष्टियों के बीच अंतर बेहद कम था।
दो श्रेणियों में चुने गए विजेता
प्रतियोगिता को फिल्म की अवधि के आधार पर दो श्रेणियों में विभाजित किया गया था।
श्रेणी ‘अ’ — 3 से 6 मिनट
प्रथम: स्वपनिल कोटरीवार — “दूसर छोर” — ₹1,00,000
द्वितीय: होमेन्द्र कुमार — “जरूरत” — ₹75,000
तृतीय: प्रकाश पटेल — “गुपचुप ठेला” — ₹50,000
श्रेणी ‘ब’ — 1 से 3 मिनट
प्रथम: दीपक जायसवाल — “एक्सेस लिंक” — ₹75,000
द्वितीय: तुषार सोलंकी — “Dial 1930” — ₹50,000
तृतीय: समीर चन्द्रा — “Golden Hour” — ₹25,000
विजेता प्रतिभागियों को कार्यक्रम में नगद पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया गया।
रोटरी क्लब और Take 3 Studios का रहा सहयोग
प्रतियोगिता के आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि कार्यक्रम के प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios द्वारा संभाली गई। पुलिस विभाग की इस पहल में विभिन्न संस्थाओं, फिल्मकारों, युवाओं और प्रतिभागियों की भागीदारी ने साइबर जागरूकता अभियान को व्यापक स्वरूप दिया।
जनप्रतिनिधि, अधिकारी और छात्र रहे मौजूद सम्मान समारोह में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल,अरुणधर दीवान, गुरूपाल भल्ला,कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी,एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा,नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, रोटरी क्लब रायगढ़ अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, सचिव सुनील रामदास सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि,प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, गणमान्य नागरिक,चयनित प्रतिभागी, विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
रायगढ़ पुलिस की इस पहल ने यह संदेश दिया कि साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है,बल्कि जागरूकता, रचनात्मकता और सामूहिक भागीदारी के माध्यम से भी डिजिटल सुरक्षा की मजबूत नींव तैयार की जा सकती है!
