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रायगढ़।छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बदलने को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों के बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान सामने आया है। एक समाचार पोर्टल पर सिंहदेव के दिल्ली रवाना होने और उनके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की संभावनाओं से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद सिंहदेव ने न्यूज़ मिर्ची के संपादक से बातचीत में इस खबर का स्पष्ट खंडन किया है।

सिंहदेव ने साफ कहा कि “पहली बात तो मैं दिल्ली गया ही नहीं हूं।” उन्होंने बताया कि पंकज सिंह के प्रयागराज स्थित पैतृक निवास कोटवा गए थे, जहां उनके परिवार में आयोजित श्रद्धा कार्यक्रम में शामिल होना था।सिंहदेव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके इस निजी कार्यक्रम को दिल्ली दौरे से जोड़कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर जो राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं, वे सही नहीं हैं!

प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी साफ किया रुख
न्यूज़ मिर्ची से बातचीत के दौरान टीएस सिंहदेव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि कम से कम अगले छह महीने तक प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कोई बदलाव होने वाला नहीं है।

उनके इस बयान के बाद उन चर्चाओं पर विराम लगता दिखाई दे रहा है, जिनमें उनके दिल्ली जाने को प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा था।
पंजाब और उत्तर प्रदेश के बदलाव के बाद छत्तीसगढ़ पर नजर
दरअसल, कांग्रेस संगठन में हालिया बदलावों के बाद छत्तीसगढ़ को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं। पंजाब और उत्तर प्रदेश में प्रदेश संगठन के स्तर पर हुए बदलावों के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा कि क्या छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भी नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है।
इसी बीच टीएस सिंहदेव के कथित दिल्ली दौरे की खबर सामने आने के बाद उनके नाम को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की चर्चाओं से जोड़ा गया। हालांकि सिंहदेव के बयान ने इस पूरे घटनाक्रम को अलग दिशा दे दी है।

राजधानी राजनीतिक सलाहकारों के मुताबिक अटकलें जारी, लेकिन फैसला हाईकमान के हाथ में
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं भले ही राजनीतिक गलियारों में चल रही हों, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान को ही करना है।

फिलहाल सिंहदेव ने अपने कथित दिल्ली दौरे की खबर का खंडन कर दिया है।
ऐसे में अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में चर्चा का केंद्र यह बन गया है कि प्रदेश कांग्रेस में वास्तव में नेतृत्व परिवर्तन कब और किस स्तर पर होगा। फिलहाल टीएस सिंहदेव के बयान ने उनके दिल्ली दौरे को लेकर चल रही चर्चाओं को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है और “कम से कम छह महीने तक कुछ नहीं होने वाला” वाला उनका बयान राजनीतिक रूप से खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है!



