🛑गेरवानी में करीब पांच एकड़ सेवा भूमि को फ्लाई एश
से पाटने का काम जारी,स्टे के बावजूद चल रहा काम ,3दिन पहले हुआ था बोर खनन🛑
रायगढ़।रायगढ़ जिले में कोटवारी जमीनों को हड़पने का खेल लंबे समय से चल रहा है। प्रशासन की नाक के नीचे नियम विरुद्ध सेवा भूमि को कब्जा कर अवैध निर्माण किए गए हैं। अब गेरवानी में भी सेवा भूमि पर ढाबा की आड़ में कबाड़ खोलने के लिए फ्लाई एश से पाटा गया है।ग्राम कोटवारों को जीवन यापन के लिए सरकार कुछ भूमि देती है।यह रिकॉर्ड में कोटवारी सेवा भूमि के रूप में दर्ज होता है, जिसे हस्तांतरण नहीं किया जा सकता। लेकिन रायगढ़ जिले में भूमाफियाओं ने बहुत आसानी से सेवा भूमि को भी निजी भूमि बना लिया।

अवैध रूप से कोटवारी भूमि को खरीदकर उस पर निर्माण भी किए जा चुके हैं। अब नया मामला पूंजीपथरा रोड पर गेरवानी का है।यहां खसरा नंबर 83 की 1.8740 हे.भूमि सेवा भूमि के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज है।सूत्र के बताएं मुताबिक सिकंदर और लक्ष्मण दोनों ने कोटवार से लेकर पटवारी और तहसीलदार को अपने सिकंदरी झांसे में ले लिया है। अभी तो स्टे के बाद भी खुलेआम कोटवार के जमीन में सैकड़ों पेड़ों की बलि लेने के बाद प्लांट के फ्लाईएश से जमीन को समतल कर वहां ढाबे की आड़ में कबाड़ का आशियाना तैयार करने के लिए खेल रचा जा रहा है।भू माफिया ने कोटवार से लाखों में डील की। सेवा के बदले मिली जमीन का यह कीमत देख कोटवार ने लालच में अपनी जमीन को फ्लाई ऐश में पाटने का परमिशन दे दिया। कुछ लाख देकर करोङो की जमीन मिलने भर की देरी थी। इन दोनों ने पटवारी से लेकर तहसीलदार तक को सेट कर लिया। आलम यह है कि ग्रामीणों के विरोध के बाद उक्त जमीन पर स्टे लग गया लेकिन मिलिभगत का नजारा यह है कि तीन दिन पहले स्टे जमीन पर बोर भी खुद गए और फ्लाई ऐश से जमीन को कब्जाने का खेल चल रहा है…

🏮कोटवारी जमीन पर फ्लाई एश और बाद में ढाबा,ढाबे की आड़ में काला कबाड़ का कारोबार🏮
समाचार की जानकारी मिलते ही रायगढ़ से मीडिया के कुछ साथी मौके पर जाकर जानकारी साझा की तो पता चला अपनी भूमि पर ही कोटवार गुलाब दास और ढाबा खोलने वाले फ्लाईएश डंप कराने के साथ ही सैकड़ों पेडों की बलि दी गई है जो गैरकानूनी है…!

⛲ कोर्ट के स्टे के बाद भी 3 दिन पहले हुआ कोटवारी जमीन में बोर खनन ⛲
कोर्ट द्वारा स्टे होने के बावजूद हुई बोर की खुदवाई समझ से परे है जिसे देखकर साफ ज़ाहिर होता है कि 3 दिन पहले ही यहां बोर खोदवाया गया है इससे स्पष्ट है कि कोटवार द्वारा गलत तरीके से वहां कार्य किया जा रहा है!

📱हमारे द्वार कोटवार पक्ष रखने के लिए फोन किया गया,पर मिला स्विच ऑफ..📱

जब कोटवारी भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा करने का खेल जारी था तो वहीं हमारे द्वारा कोटवार का पक्ष जानने के लिए मोबाइल के माध्यम से लेना चाहा जहां उनका नंबर बंद बताया उसके बावजूद भी हमारी टीम द्वारा उनके निवास पहुंचकर पक्ष जानने की कोशिश की पर उन्होंनेे मुनासिब नहीं समझा,उनके परिवार के द्वारा यह बोला गया कि सुबह से ही घर से निकले हैं पंचायत में मिटिंग के लिए,जब हमारी टीम पंचायत कार्यालय पहुंची तो पता चला की पंचायत भवन आज खुला ही नहीं है…!

क्या कहते हैं एसडीएम युगल किशोर उर्वशा
आपके न्यूज़ पेपर के माध्यम से जानकारी मिली,उन्होंने कहा कि कोटवारी जमीन पर इस तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता। यह सेवा भूमि है। मामले की जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी…।