एडवोकेट और ऑफिशियल की लड़ाई में आम जनता की बढ़ी परेशानी, प्रशासन मुखर होकर करें मामले का पटाक्षेप-:शंकरलाल अग्रवाल…!
रायगढ़।विगत सात-आठ दिनों से राजस्व और न्यायालय कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। 11 फरवरी शुक्रवार को रायगढ़ के राजस्व न्यायालय में हुए घटनाक्रम ने रायगढ़ जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ के अधिवक्ता और अधिकारियों में विवाद की स्थिति पैदा कर दी है। जो रायगढ़ सहित प्रदेश भर के न्यायालय और राजस्व प्रकरणों के पक्षकारों और पीड़ितों के लिए के लिए शुभ संकेत नहीं है।विवाद यदि लंबा चला तो रायगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ की जनता इससे प्रभावित होंगे राजस्व और तहसील न्यायालयों के कामकाज कई दिनों तक ठप रह सकते हैं। इस मामले में रायगढ़ के ख्याति प्राप्त समाजसेवी और कांग्रेस कमेटी के रायगढ़ ग्रामीण के कोषाध्यक्ष शंकरलाल अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस मामले में किसी कांग्रेसी नेता का यह पहला प्रतिक्रिया है अधिवक्ता और अधिकारियों के विवाद के इस मामले में शंकर अग्रवाल ने खुलकर अपनी बात रखी और मीडिया के माध्यम से प्रशासन से इस मामले में मुखर होकर मामले का पटाक्षेप करने की मांग की है। कांग्रेस नेता एवं समाजसेवी शंकर अग्रवाल का मानना है कि एडवोकेट और ऑफिशियल के लड़ाई से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उनका कहना है की 11 फरवरी को तहसील कार्यालय में जो घटनाक्रम हुआ है वाह बहुत ही दुखद है। ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए यह घटना आम जनमानस के मन में विपरीत प्रभाव डाल रहा है। अधिवक्तागण और अधिकारी कर्मचारीगण दोनों ही समाज एवं न्यायपालिका के महत्त्व महत्वपूर्ण अंग है। और दोनों ही आम जनता के सेवा के लिए ही कार्य करते हैं। हम सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही सच्ची जनसेवा कर सकते हैं अपने कार्यलयिन तथा व्यक्तिगत जीवन में सत्य और अहिंसा के मार्ग पर ही चलना चाहिए। लोकतंत्र में किसी संविधानिक पद पर बैठकर अभद्रता, लापरवाही और भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं हो सकता है और ना ही देश के संविधान में हिंसा के लिए कोई स्थान है। फिलहाल अधिवक्ताओं का राजस्व न्यायालय के बहिष्कार तथा अधिकारी कर्मचारियों का काम बंद कर हड़ताल पर होने से आम जनता की परेशानिया बढ़ रही है । इसीलिए उन्हें अपना मनमुटाव भुलाकर अपने अपने विभागीय कामकाज पर लौटने की मैं अपील करता हूं। तथा जिला प्रशासन से मांग करता हूं अधिवक्ताओं के मांग पर उचित कार्रवाई करते हुए इस मामले का अति शीघ्र पटाक्षेप करने का प्रयास करें। अधिवक्तागण और अधिकारी कर्मचारियों के अपने अपने विभागीय कार्यों पर वापस लौटने से आम जनमानस को परेशानियों से छुटकारा मिलेगा और शहर तथा अधिकारी कर्मचारी और अधिवक्ताओं के बीच में पुनः आपसी सौहार्द और भाईचारे का वातावरण निर्मित होगा….!