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रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू रेंज में ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा खुद को करना पड़ रहा है। रात के समय हाथी गांव में आ धमक रहे हैं, और वन विभाग के कोई भी मैदानी कर्मचरी हाथी भगाने नहीं पहुंच रहे हैं। जिसका नतीजा है कि कभी भी ग्रामीणों की जान हाथी हमले से जा सकते है।

बीती रात कापू रेंज के गोलाबुड़ा गांव में एक विशाल काया हाथी आ धमका, हाथी को देख ग्रामीणों में भय बन गया लेकिन क्या करेंं हाथी को गांव से भगाने भी तो था, नहीं तो हाथी ग्रामीणों को नुकसान भी पहुंचा सकता था? हाथी भगाने वक्त कोई भी वन विभाग के कर्मचारी नहीं होने के कारण एक ग्रामीण युवक हाथी को मोटरसायकल से भगा रहे थे उसी वक्त हाथी पलट कर युवक को दौड़ाने लगा लेकिन युवक अपनी जान बचाने में सफल हो गया।

सरकार हाथी को लेकर हर साल लाखों करोड़ों खर्च कर रहे हैं ताकि हाथी और इंसान दोनों सुरक्षित रह सके लेकिन इसके बाद भी हाथी और इंसान की मौत हो रहे हैं। अब आप ही देखिए की गोलाबुड़ा के ग्रामीण कितनी लापरवाही से हाथी का पीछा मोटर सायकल से कर रहे हैं। ग्रामीणों को मालूम ही नहीं की हाथी किसी भी वक्त पलट कर वार कर सकते हैं, हाथी की खबर लगते ही वन विभाग के कोई कर्मचारी ग्रामीणों के पास होते तो ग्रामीणों को समझाईश देते हुए हाथी के पास नहीं जाने देते, लेकिन विडंबना है कि जब हाथी गांव की ओर रूख करते हैं उस समय वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी घर में आराम करते हैं। और ग्रामीणों की फोन कॉल का जवाब देना उचित नहीं समझते हैं जिससे ग्रामीणों के साथ बड़ी दुर्घटना घट जाता है। कई बार तो देखा गया कि वन विभाग से नाराज होकर ग्रामीण हाथी को मौत के घाट भी उतार देते हैं, हाथी और इंसान दोनों सुरक्षित रहे इसके लिए वन विभाग को चाहिए की ग्रामीणों को जागरूक करें और हाथी के पास न जाने की जानकारी दे ताकि हाथी और इंसान दोनों सुरक्षित रहे।
