रायगढ़ शहर व जिले की छोटी-बड़ी खबरों के लिए संपर्क करें~98279-50350
रायगढ़, 11 मई 2026।
रायगढ़ जिले के प्रसिद्ध पचधारी एनीकट में लगातार हो रही डूबने की घटनाओं और जनहानि को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत विस्तृत निषेधाज्ञा जारी करते हुए पचधारी एनीकट और उसके आसपास के क्षेत्रों में नहाने, तैराकी, पिकनिक, सेल्फी, रील बनाने और वीडियोग्राफी पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रवेश बंद
जारी आदेश के अनुसार सुरक्षा कारणों से पंचधारी एनीकट क्षेत्र में प्रतिदिन शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक आम नागरिकों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने इसे ‘नो गो जोन’ घोषित करते हुए एनीकट के जलभराव क्षेत्र, स्पिलवे, डाउनस्ट्रीम और फिसलनयुक्त चट्टानों पर जाने पर भी रोक लगा दी है।
हाल की घटनाओं के बाद प्रशासन सख्त
जिला प्रशासन को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट में बताया गया कि हाल के दिनों में पचधारी एनीकट में कई दर्दनाक हादसे हुए हैं, जिनमें युवाओं और विद्यार्थियों की मौत हुई है। तकनीकी रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि यहां पानी का तेज बहाव, अचानक बढ़ती गहराई, काई जमी चट्टानें और पानी के भीतर छिपे पत्थर इसे अत्यंत खतरनाक बनाते हैं।
नशे की हालत में प्रवेश भी वर्जित
आदेश में पचधारी एनीकट से 500 मीटर की परिधि में शराब, गांजा या अन्य मादक पदार्थों के सेवन तथा नशे की हालत में प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। बिना एसडीएम (राजस्व) रायगढ़ की पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार की सामूहिक पिकनिक, पार्टी या स्कूल-कॉलेज टूर आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।
विभिन्न विभागों को दिए गए निर्देश
निषेधाज्ञा के प्रभावी पालन के लिए प्रशासन ने कई विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं—
पुलिस विभाग को मुख्य मार्गों पर चेक पोस्ट और विशेष पेट्रोलिंग के निर्देश।
जल संसाधन विभाग को बैरिकेडिंग, फेंसिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने के आदेश।
शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों को वहां जाने से रोकने के निर्देश।
स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों को मुनादी कर जागरूकता फैलाने का निर्देश।
उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
60 दिनों तक प्रभावी रहेगा आदेश
यह निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और आगामी 60 दिनों तक अथवा अगले आदेश तक प्रभावशील रहेगी।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आदेश का पालन करें, अनावश्यक जोखिम से बचें और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा में सहयोग करें।
