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रायगढ़। जिले की जीवनदायिनी मानी जाने वाली केलो नदी को औद्योगिक प्रदूषण से बचाने की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन के समक्ष मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में “रायगढ़ बचाओ–लड़ेंगे रायगढ़” एवं जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर ग्राम तराईमाल स्थित श्याम इस्पात और सिंघल फैक्ट्री पर जहरीला एवं

औद्योगिक अपशिष्ट केलो नदी में छोड़े जाने का गंभीर आरोप लगाया।
संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल जांच समिति गठित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित उद्योगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रभावित स्थल पर सत्याग्रह किया जाएगा।

वन और सरकारी जमीन पर अवैध नाला बनाकर छोड़ा जा रहा जहरीला पानी
ज्ञापन में बताया गया कि घरघोड़ा राजस्व ब्लॉक और तमनार तहसील के ग्राम तराईमाल में संचालित श्याम इस्पात एवं सिंघल फैक्ट्री द्वारा कथित रूप से वन विभाग और राजस्व विभाग की भूमि पर अवैध नाले का निर्माण किया गया है।

आरोप है कि इसी नाले के माध्यम से फैक्ट्री का जहरीला पानी और औद्योगिक अपशिष्ट बहाकर केलो नदी में मिलाया जा रहा है। संगठन के सदस्यों ने इस संबंध में फोटो और अन्य दस्तावेजी प्रमाण प्रशासन को सौंपे हैं।
केलो डैम का पानी भी हो रहा प्रदूषित
संगठनों का कहना है कि दोनों उद्योगों से निकलने वाला अपशिष्ट आगे जाकर केलो डैम तक पहुंच रहा है। इससे डैम का पानी प्रदूषित होने की आशंका है, जिसका उपयोग जिले में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के लिए किया जाता है।
यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसका असर हजारों किसानों, ग्रामीणों और शहरवासियों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
“केलो है तो कल है” सिर्फ नारा बनकर रह गया
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि “केलो है तो कल है” जैसे जागरूकता नारे दिए जाते हैं, लेकिन जमीन पर नदी संरक्षण के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं दिख रही। उनका आरोप है कि उद्योगों की मनमानी के कारण केलो डैम धीरे-धीरे औद्योगिक अपशिष्ट का संग्रह स्थल बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की निष्क्रियता से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर खतरा बढ़ रहा है।
जांच समिति बने, बरसात से पहले हो कार्रवाई
संगठन ने मांग की है कि जिला प्रशासन एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करे और मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करे। संगठन के सदस्यों ने अधिकारियों को स्थल तक ले जाने और पूरी जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही है।
उनका कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले जांच और कार्रवाई जरूरी है, ताकि प्रदूषण को और फैलने से रोका जा सके।
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा सत्याग्रह
“रायगढ़ बचाओ–लड़ेंगे रायगढ़” के संयोजक विनय शुक्ला ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए, तो संगठन “केलो महतारी” की रक्षा के लिए प्रभावित क्षेत्र में सत्याग्रह करेगा।
उन्होंने कहा कि केलो नदी को प्रदूषित करने वाले उद्योगों की पोल खोलने के लिए जनआंदोलन चलाया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल रहे
ज्ञापन सौंपने वालों में विनय शुक्ला, वासुदेव शर्मा, शेख कलीमुल्ला, राजेश त्रिपाठी, अभिषेक चौहान, डी.डी. शुभंकर, संतोष यादव, आदर्श श्रीवास, सुरेंद्र पटेल, नाथूलाल सिदार, ईनाम सिद्दीकी, सिद्धार्थ चौहान, खगेश पटेल, ऋषभ मिश्रा, अधिवक्ता जय प्रकाश जायसवाल, अनिल चीकू सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
