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जशपुर…जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ACB ने एक और बड़ा प्रहार किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 को स्थानांतरण कराने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कर्मचारी 80 हजार रुपये की मांग कर रहा था और पहली किस्त के तौर पर 40 हजार रुपये लेते ही ACB के शिकंजे में आ गया।

मजबूरी को बनाया सौदे का हथियार
ACB से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता योगेश कुमार सांडिल्य वर्ष 2019 से एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय दोकड़ा में भृत्य के पद पर पदस्थ है। उसका परिवार जशपुर में निवास करता है और बच्चे यहीं पढ़ाई कर रहे हैं। पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उसने जून 2025 में अपने कार्यस्थल को नजदीक स्थानांतरित कराने के लिए आवेदन दिया था।

आरोप है कि इसी आवेदन को आगे बढ़ाने के एवज में सहायक ग्रेड-02 गिरीश कुमार वारे ने 80 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, रिश्वत तय होने के कुछ समय बाद उसका स्थानांतरण लोदाम परियोजना कार्यालय में कर दिया गया।

पैसे नहीं दिए तो जब्त कर ली बाइक
स्थानांतरण आदेश के बाद जब प्रार्थी जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पहुंचा, तो आरोपी ने एक बार फिर रिश्वत की मांग की। जब शिकायतकर्ता ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी ने उसकी पल्सर मोटरसाइकिल अपने पास रख ली और साफ शब्दों में कहा कि रकम मिलने पर ही वाहन वापस किया जाएगा। इस दबाव और मानसिक प्रताड़ना के बाद शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय कानून का सहारा लेने का फैसला किया।
ACB ने बिछाया जाल, दफ्तर में रंगे हाथ गिरफ्तार
पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर में दर्ज कराई गई। प्राथमिक जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ACB ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। गुरुवार को कार्यालय परिसर में ही आरोपी को पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
ACB की इस कार्रवाई से जिले के सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है। एजेंसी द्वारा आगे की जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
