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रायगढ़/जैजैपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में दिव्यांग शिक्षक की निर्मम हत्या के मामले में बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जिस आरोपी की तलाश में पुलिस पिछले कई दिनों से जुटी हुई थी, वह खुद अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। इस घटना के बाद पूरे मामले ने नया रूप ले लिया है और पुलिस अब हत्या के साथ-साथ आरोपी की मौत के कारणों की भी गहन जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, 18 मार्च को जैजैपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जर्वे निवासी दिव्यांग शिक्षक देवानंद भारद्वाज की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि गांव के ही टीमन लाल मनहर ने कुल्हाड़ी से शिक्षक के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को आग के हवाले कर दिया और मौके से फरार हो गया था।
घटना के बाद सक्ती पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी और आसपास के इलाकों में सघन खोजबीन जारी थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी टीमन लाल मनहर अपने घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद पुलिस के बढ़ते दबाव और गिरफ्तारी के डर से आरोपी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। हालांकि पुलिस इस मामले को सिर्फ आत्महत्या मानकर नहीं चल रही है, बल्कि हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी और मृतक के बीच लंबे समय से जमीन, पैसों के लेन-देन और रजिस्ट्री को लेकर विवाद चल रहा था। घटना के दिन भी दोनों के बीच कहासुनी और मारपीट हुई थी, जिसके बाद गुस्से में आकर आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
फिलहाल पुलिस हत्या और आरोपी की संदिग्ध मौत—दोनों मामलों को जोड़कर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले में अब कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
