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रायगढ़।औद्योगिक क्षेत्र गेरवानी-लाखा में एक बार फिर स्थानीय लोगों में आक्रोश की चिंगारी सुलगती नजर आ रही है। इस बार विरोध का केंद्र शांभवी इस्पात प्रायवेट लिमिटेड है, जिसकी आगामी 21 अप्रैल को प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर क्षेत्र में माहौल गरमाने लगा है।

प्रदूषण के डर से विरोध तेज
स्थानीय ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि गेरवानी-लाखा क्षेत्र पहले से ही औद्योगिक प्रदूषण की मार झेल रहा है। ऐसे में एक और इस्पात उद्योग स्थापित होने से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसी चिंता को लेकर लोग अब खुलकर विरोध में सामने आने लगे हैं।
महिला समूहों की भी सक्रिय भागीदारी
जनसुनवाई से पहले विरोध को संगठित रूप देने के लिए गांव-गांव में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। खास बात यह है कि इन बैठकों में महिला समूहों की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। महिलाएं भी पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं।
जनसुनवाई में जोरदार विरोध की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक,स्थानीय लोगों की टीम जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचकर कंपनी के प्रस्ताव का विरोध करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए रणनीति बनाई जा रही है और लोगों से एकजुट रहने की अपील की जा रही है।
प्रशासन की भूमिका पर भी नजर
अब सभी की निगाहें प्रशासन और जनसुनवाई प्रक्रिया पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि स्थानीय लोगों की आपत्तियों और पर्यावरणीय चिंताओं को किस तरह से गंभीरता से लिया जाता है।
कुल मिलाकर, 21 अप्रैल की जनसुनवाई से पहले गेरवानी-लाखा क्षेत्र में माहौल पूरी तरह से गरमा चुका है और आने वाले दिनों में यह विरोध और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
