
रायगढ़ शहर व जिले की छोटी-बड़ी खबरों के लिए संपर्क करें~98279-50350
रायगढ।छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों पर रायगढ़ पुलिस ने ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के संगठित सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर सेल, कोतवाली और अन्य पुलिस टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस ने इनके कब्जे से 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नकद, एक नोट गिनने की मशीन, चार मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये आंकी गई है।
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि ऑनलाइन आईपीएल सट्टे के जरिए करोड़ों रुपये की काली कमाई की जा रही थी और इस रकम को हवाला नेटवर्क के माध्यम से वैध रूप दिया जा रहा था। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) सहित छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।26 अप्रैल की कार्रवाई से खुला करोड़ों के नेटवर्क का राज
मामले की शुरुआत 26 अप्रैल 2026 को हुई, जब साइबर सेल, थाना कोतवाली और थाना घरघोड़ा की संयुक्त टीम ने रायगढ़ शहर और घरघोड़ा क्षेत्र में एक साथ दबिश देकर ऑनलाइन आईपीएल सट्टा संचालित कर रहे छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई में मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और 15,490 रुपये नकद बरामद किए गए थे।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में रायगढ़ के खाईवाल करण चौधरी और उसके सहयोगियों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट, बैंकिंग ट्रेल, यूपीआई लेनदेन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच शुरू की।
रायगढ़ से दिल्ली तक फैला था सट्टा और हवाला नेटवर्क
जांच में सामने आया कि करण चौधरी लंबे समय से रायगढ़, रायपुर, बिलासपुर, सक्ती और दिल्ली तक फैले नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का संचालन कर रहा था। सट्टे से अर्जित रकम को सीधे अपने पास रखने के बजाय विभिन्न कारोबारियों, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यावसायिक माध्यमों से कैश के रूप में जमा कराया जाता था। बाद में यही रकम हवाला चैनलों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर भेजी जाती थी।
पुलिस के अनुसार, यह केवल सट्टेबाजी का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा संगठित आर्थिक अपराध है।कृष्ण प्राइड टावर में छापा, नोट गिनने की मशीन के साथ करोड़ों की नकदी बरामद
करण चौधरी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने रायगढ़ के कृष्ण प्राइड टावर स्थित फ्लैट नंबर 505 में छापा मारा। यहां से सुनील कुमार अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नकद, एक नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए।करण चौधरी के पास से नगदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक डाटा, चैट रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर यह पुष्टि की कि आरोपियों की भूमिका सट्टे की रकम को हवाला के जरिए सफेद करने में थी।
दूसरों के खातों का उपयोग कर रहे थे आरोपी
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपने व्यक्तिगत बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल नहीं करते थे। इसके बजाय कर्मचारियों, परिचितों और सहयोगियों के खातों और नंबरों के जरिए लेनदेन किया जाता था ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।करण चौधरी के खिलाफ पहले से मारपीट, रंगदारी, अपहरण और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड और इस मामले में संगठित रूप से आर्थिक लाभ कमाने के पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने BNS की धारा 111 जोड़ी है।
गिरफ्तार आरोपी
करण चौधरी उर्फ करण अग्रवाल (29 वर्ष)
निवासी: श्याम नगर, ढिमरापुर चौक, रायगढ़
पुष्कर अग्रवाल (26 वर्ष)
निवासी: फ्लैट नंबर 505, कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़
सुनील कुमार अग्रवाल (58 वर्ष)
निवासी: फ्लैट नंबर 505, कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़
जब्त सामग्री….
₹1,02,81,300 नकद
1 नोट गिनने की मशीन
4 मोबाइल फोन
अन्य दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
कुल जब्ती: ₹1,03,86,300
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में सट्टा, हवाला, ब्लैक मनी और संगठित अपराध से जुड़े किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा। आर्थिक अपराधों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगी।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं इस नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों और संभावित आर्थिक लेनदेन की जांच अभी जारी है। रायगढ़ पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
