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रायपुर,17 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ की बेटी और विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री निवास में हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अमिता श्रीवास को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने अपने साहस, कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प से पूरे प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय भी उपस्थित रहीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि माउंट एवरेस्ट जैसी दुनिया की सबसे कठिन और ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और भारत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि अमिता श्रीवास ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे हासिल करने का जुनून हो तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमिता की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का सशक्त संदेश है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। सरकार प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें हर संभव अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने अमिता श्रीवास के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई सफलताएं हासिल कर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाती रहेंगी।गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने 22 मई को समुद्र तल से 8,848.86 मीटर ऊंची विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर इतिहास रचा था।

उनकी इस उपलब्धि ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया और वे छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई हैं।मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात उनकी इसी ऐतिहासिक सफलता के सम्मान और उत्साहवर्धन का प्रतीक रही।
मुख्य बिंदु:

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अमिता श्रीवास को दी बधाई।
माउंट एवरेस्ट फतह कर तिरंगा फहराने पर किया सम्मान।
बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
विधायक गोमती साय भी रहीं मौजूद।
22 मई को 8,848.86 मीटर ऊंची माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर रचा इतिहास।
