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तमनार से कुलदीप चौहान
रायगढ़।जिले के तमनार क्षेत्र स्थित ग्राम पेलमा में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की प्रस्तावित पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना के लिए आयोजित लोक सुनवाई सोमवार को प्रशासनिक निगरानी में संपन्न हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों ने हिस्सा लिया और परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार एवं सुझाव रखे।

भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना के तहत आयोजित इस लोक सुनवाई की अध्यक्षता अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) के क्षेत्रीय अधिकारी मानवेंद्र शेखर पांडेय की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।
जानकारी के अनुसार प्रस्तावित पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना लगभग 2077.934 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जानी है, जिसकी उत्पादन क्षमता 15 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTPA) निर्धारित की गई है। परियोजना का प्रभाव ग्राम पेलमा, उरबा, मडुआडूमर, लालपुर, हिंझर, जरिडीह, सक्ता, मिलूपारा और खर्रा सहित आसपास के कई गांवों पर पड़ने की संभावना है।

ग्रामीणों ने रखी अपनी बातें
लोक सुनवाई के दौरान SECL के अधिकारियों द्वारा परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (EIA), पर्यावरण प्रबंधन योजना तथा सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों से संबंधित जानकारी भी आमजन के समक्ष रखी गई। इस दौरान ग्रामीणों ने रोजगार, पुनर्वास, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव एवं अपेक्षाएं व्यक्त कीं।
रोजगार और विकास को लेकर जताई उम्मीद
कार्यक्रम में शामिल कई ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। वहीं महिला प्रतिभागियों ने महिला सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों के विस्तार की अपेक्षा जताई।
CSR कार्यों का भी हुआ उल्लेख
लोक सुनवाई के दौरान क्षेत्र में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया गया। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क एवं अन्य सामुदायिक सुविधाओं के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को लेकर कुछ ग्रामीणों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और भविष्य में इन गतिविधियों के विस्तार की उम्मीद जताई।
प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप हुई प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार लोक सुनवाई की संपूर्ण प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की गई। कार्यक्रम के दौरान प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों को रिकॉर्ड किया गया, जिन्हें पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत आगे विचारार्थ भेजा जाएगा।
परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति से पूर्व आयोजित यह लोक सुनवाई स्थानीय समुदाय को अपनी बात रखने और परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।
