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रायपुर/जशपुर, 17 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड स्थित ग्राम दोकड़ा में आयोजित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव-2026 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ पारंपरिक गजपति महाराजा की भूमिका निभाते हुए भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा प्रारंभ होने से पहले छेरा पहरा की पवित्र परंपरा का निर्वहन किया। उन्होंने सोने की झाड़ू से भगवान के रथ के आगे प्रतीकात्मक रूप से मार्ग का मार्जन किया और चंदन मिश्रित पवित्र जल का छिड़काव कर सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने हजारों श्रद्धालुओं के साथ भगवान श्री जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान पूरा दोकड़ा क्षेत्र ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष, शंखध्वनि, हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हो उठा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1942 से निरंतर चली आ रही यह गौरवशाली परंपरा आज भी लोगों की आस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है।

जनसहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ और वर्ष 2025 में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरी भव्य रथयात्रा आयोजित की गई है। मुख्यमंत्री ने गजपति महाराजा की परंपरा निभाने का अवसर मिलने पर दोकड़ा के श्रद्धालुओं और आयोजन समिति के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्री जगन्नाथ से सदियों पुराना सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध है। देवभोग का प्रसिद्ध चावल आज भी पुरी के महाप्रसाद में उपयोग किया जाता है, जो दोनों क्षेत्रों के बीच गहरे धार्मिक रिश्तों का जीवंत प्रमाण है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की गारंटी के अनुरूप प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूरे किए जा चुके हैं। महतारी वंदन योजना की 29 किस्तें जारी हो चुकी हैं, जबकि रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु धार्मिक यात्राओं का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। राज्य सरकार प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास को भी प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरचार्ज माफी योजना की अवधि तीन महीने बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। वहीं अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं सहित 520 से अधिक शासकीय सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने जशपुर जिले के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे जशपुर जल्द ही रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इसके अलावा जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति से स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर विकसित होंगे।
रथयात्रा के दौरान ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों ने भजन, संकीर्तन और हरिनाम का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया।

ढोल, मृदंग, झांझ और शंखध्वनि के बीच महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित हजारों श्रद्धालु भगवान श्री जगन्नाथ के जयघोष के साथ रथयात्रा में शामिल हुए। पूरा आयोजन आस्था, संस्कृति और लोक परंपरा के विराट उत्सव में परिवर्तित हो गया।
इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, श्री जगन्नाथ मंदिर आयोजन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
