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रायगढ़ में कानून व्यवस्था पर प्रशासन सख्त: अवैध अप्रवासियों की पहचान होगी, शहर के बाहर बनेंगे बस स्टॉप और भारी वाहनों के पार्किंग स्थल
रायगढ़ जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कानून व्यवस्था समीक्षा बैठक में 16 महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, अवैध अप्रवासियों की पहचान, अवैध उत्खनन, पीएम-राहत (कैशलेस उपचार) योजना, औद्योगिक सुरक्षा, यातायात सुधार, जिला जेल, हिट एंड रन, पैरोल, चिटफंड प्रकरण, खाद्य एवं औषधि सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा की गई।
अवैध अप्रवासियों की पहचान होगी, 24 घंटे हेल्पलाइन जारी
बैठक में जिले में अवैध रूप से निवास कर रहे अथवा बसने की योजना बना रहे संदिग्ध अप्रवासियों की पहचान और उनकी सतत निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर और एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि जिले की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1905 शुरू की गई है, जो सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे संचालित रहेगी। नागरिक अपने आसपास रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों अथवा उनकी गतिविधियों की जानकारी इस हेल्पलाइन पर दे सकते हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।।

रायगढ़ शहर के बाहर बनेंगे बस स्टॉप
शहर के भीतर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए बड़ा निर्णय लिया गया। उद्योगों द्वारा कर्मचारियों के परिवहन के लिए संचालित बसों के शहर में प्रवेश से जाम की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुए नगर निगम, राजस्व विभाग, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को शहर के बाहरी हिस्सों में नए बस स्टॉप विकसित करने के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए गए।
30 सितंबर तक चिन्हित होंगे भारी वाहनों के पार्किंग स्थल
बैठक में ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन एवं उद्योगों के साथ हुई चर्चा के आधार पर भारी वाहनों की पार्किंग व्यवस्था पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। प्रशासन ने निर्देश दिए कि घरघोड़ा बाईपास, बंजारी मंदिर क्षेत्र, पूंजीपथरा मार्ग, तमनार, खरसिया के रानीसागर चौक तथा गिरवानी मार्ग सहित चिन्हित स्थानों पर 30 सितंबर तक व्यवस्थित पार्किंग स्थल विकसित करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। इससे शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

पीएम-राहत योजना का होगा व्यापक प्रचार
सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को तत्काल कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने वाली प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर और एसएसपी ने परिवहन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके।
सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार कार्रवाई
बैठक में बताया गया कि जिले में ओवर स्पीड वाहनों और मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ इंटरसेप्टर वाहन एवं स्पीड रडार गन से लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले वर्ष 3,762 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण कर सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान, स्कूलों में यातायात शिक्षा, नुक्कड़ नाटक तथा सोशल मीडिया, एलईडी बोर्ड और आकाशवाणी के माध्यम से सड़क सुरक्षा का प्रचार-प्रसार भी लगातार जारी है।

शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्ती
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। वर्तमान वर्ष में अब तक 226 वाहन चालकों के विरुद्ध न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके अलावा मॉडिफाइड साइलेंसर, तेज रफ्तार और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अवैध उत्खनन पर 120 प्रकरण, ₹64.37 लाख से अधिक जुर्माना
जिला खनिज अधिकारी ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 23 जुलाई तक अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण से जुड़े 120 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में ₹64.37 लाख से अधिक की अर्थदंड राशि वसूल की जा चुकी है। कलेक्टर ने अवैध खनन के विरुद्ध अभियान को और तेज करने तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों की समीक्षा
बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राहत सहायता से जुड़े 67 प्रकरणों में से 53 स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 49 हितग्राहियों को ₹88.81 लाख की सहायता राशि वितरित की गई है। कलेक्टर ने शेष मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम, शिल्पा भगत सहित जिले के सभी एसडीएम, पुलिस अधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
