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बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) से झटका लगा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की बिलासपुर स्थित जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने 17 सितंबर 2026 को भूपेश बघेल की ओर से दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें भाजपा सांसद विजय बघेल की चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब विजय बघेल की चुनाव याचिका पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। मामले में 5 अक्टूबर 2026 को विजय बघेल की गवाही और साक्ष्य की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पहले यह गवाही 10 सितंबर को होनी थी, लेकिन भूपेश बघेल की याचिका की वजह से इसे रोक दिया गया था।

दरअसल, विजय बघेल ने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। इस याचिका को खारिज करने के लिए भूपेश बघेल की ओर से आवेदन लगाया गया था।भूपेश बघेल की ओर से दलील दी गई थी कि चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका कानून में निर्धारित 45 दिन की समय-सीमा के भीतर दाखिल की जानी चाहिए। उनका तर्क था कि विजय बघेल की याचिका निर्धारित समय के बाद दाखिल हुई है, इसलिए इसे समय-बाधित मानकर खारिज किया जाना चाहिए।

विजय बघेल की ओर से इस दलील का विरोध किया गया और याचिका को वैध बताते हुए मामले की सुनवाई जारी रखने की मांग की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने 17 सितंबर को भूपेश बघेल का आवेदन खारिज कर दिया।

हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को विजय बघेल को गवाही के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान वह अपने साक्ष्य पेश करेंगे। इसके बाद संबंधित पक्ष की ओर से जिरह की प्रक्रिया होगी।यानी हाईकोर्ट ने फिलहाल चुनाव याचिका को खारिज नहीं किया है, बल्कि भूपेश बघेल की उस प्रारंभिक आपत्ति को खारिज किया है, जिसमें याचिका की सुनवाई आगे बढ़ने से रोकने की मांग की गई थी।

इस चुनाव याचिका से जुड़ी कानूनी लड़ाई पहले सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुकी है। भूपेश बघेल की ओर से चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज कराने की कोशिश की गई थी। हाईकोर्ट की कार्यवाही के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी मामला गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की कार्यवाही में हस्तक्षेप नहीं किया था और भूपेश बघेल को अपने कानूनी तर्क हाईकोर्ट में चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान रखने की स्वतंत्रता दी थी।

अब हाईकोर्ट की ओर से 17 सितंबर को ताजा आवेदन खारिज किए जाने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


