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अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के समक्ष प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना, पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से लिया आशीर्वाद
रायगढ़।गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर रायगढ़ जिले के बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ आश्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहा। सुबह से ही आश्रम में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गुरु पूजा, भजन-कीर्तन और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी,रायगढ़ नगर निगम के महापौर जीवर्धन चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं श्रद्धालुओं ने आश्रम पहुंचकर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन किए। सभी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। बाबा ने गुरु परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही वह शक्ति है जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर जीवन में ज्ञान, सेवा, संस्कार और आत्मविश्वास का प्रकाश फैलाती है।उन्होंने समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम में विशेष पूजा, गुरु वंदना, भजन-कीर्तन एवं आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया और समाज व राष्ट्र की उन्नति के लिए प्रार्थना की। आश्रम परिसर में दिनभर भक्तों की भारी भीड़ रही, जहां दूर-दराज़ से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।

बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ आश्रम पिछले कई वर्षों से आध्यात्मिक चेतना, मानव सेवा,सामाजिक समरसता और संस्कार निर्माण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के मार्गदर्शन में आश्रम द्वारा समय-समय पर आध्यात्मिक, सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का संचालन किया जाता है, जिससे हजारों लोगों का जीवन सकारात्मक दिशा की ओर अग्रसर हुआ है।

गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने एक बार फिर गुरु-शिष्य परंपरा की महानता को जीवंत कर दिया।श्रद्धालुओं ने गुरु को जीवन का सच्चा मार्गदर्शक बताते हुए उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
