रायगढ़ शहर व जिले की छोटी-बड़ी खबरों के लिए संपर्क करें~98279-50350


रायगढ़, 30 जुलाई। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत MBBS इंटर्न्स ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को प्रदेशव्यापी सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। रायगढ़ शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी इंटर्न्स ने ब्लैक रिबन पहनकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और सरकार से स्टाइपेंड बढ़ाने सहित कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग उठाई।

प्रदेशभर के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों के MBBS इंटर्न्स द्वारा आयोजित इस पैन-छत्तीसगढ़ संयुक्त रैली का उद्देश्य सरकार का ध्यान इंटर्न्स की समस्याओं की ओर आकर्षित करना था। प्रदर्शन में शामिल इंटर्न्स ने कहा कि वर्तमान में मिलने वाला स्टाइपेंड बढ़ती महंगाई और अस्पतालों में बढ़ते कार्यभार के मुकाबले बेहद कम है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इंटर्न्स ने सरकार से मांग की कि MBBS इंटर्न्स का न्यूनतम मासिक स्टाइपेंड 30,000 किया जाए। इसके अलावा ड्यूटी के घंटे और इमरजेंसी कार्य अवधि को तर्कसंगत बनाया जाए, कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के शोषण और दुर्व्यवहार पर रोक लगे तथा सेवा शर्तों को पारदर्शी और समान रूप से लागू किया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि इंटर्न्स को बेहतर क्लिनिकल प्रशिक्षण, शैक्षणिक विकास और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे बेहतर ढंग से मरीजों की सेवा कर सकें।
इंटर्न्स ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और शैक्षणिक है। उन्होंने कहा कि यह विरोध किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि भविष्य के डॉक्टरों के हितों और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए किया जा रहा है।

इस दौरान इंटर्न्स ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, चिकित्सक समुदाय और मीडिया से उनके आंदोलन का समर्थन करने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान “सम्मानजनक स्टाइपेंड हमारा हक, शोषण नहीं सहेगा इंटर्न्स” जैसे नारों के साथ अपनी मांगों को बुलंद किया गया।
प्रमुख मांगें….
MBBS इंटर्न्स का न्यूनतम मासिक स्टाइपेंड 30,000 किया जाए।
कार्यघंटे और ड्यूटी आवर्स को तर्कसंगत बनाया जाए।
सेवा शर्तों का पारदर्शी एवं मानकीकृत निर्धारण हो।
कार्यस्थल पर शोषण और दुर्व्यवहार पर रोक लगे।
बेहतर क्लिनिकल ट्रेनिंग, शैक्षणिक विकास और मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जाए।
