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रायगढ़, 31 जुलाई 2026। रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में जिंदल पावर लिमिटेड की ऐश स्लरी पाइपलाइन परियोजना से प्रभावित किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से उचित मुआवजे की मांग कर रहे 60 किसान परिवारों को आखिरकार राहत मिल गई है। जिला प्रशासन की सक्रिय पहल, लगातार निगरानी और प्रभावी समन्वय के बाद जिंदल पावर लिमिटेड ने प्रभावित किसानों के लिए 40 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। इस निर्णय से वर्षों से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे किसान परिवारों में संतोष का माहौल है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आम नागरिकों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी नीति के तहत रायगढ़ जिला प्रशासन ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले को प्राथमिकता में रखा और सकारात्मक परिणाम तक पहुंचाया।
जनदर्शन में उठी थी किसानों की आवाज
तमनार क्षेत्र के प्रभावित किसानों ने कई बार शासन और प्रशासन के समक्ष उचित मुआवजे की मांग रखी थी। किसानों ने कलेक्टर जनदर्शन सहित विभिन्न मंचों पर आवेदन देकर बताया था कि उनकी निजी भूमि पर ऐश स्लरी पाइपलाइन बिछा दी गई है, लेकिन नियमानुसार मुआवजा नहीं मिला। जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों को कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जांच में सही पाई गई किसानों की मांग
कलेक्टर के निर्देश पर घरघोड़ा के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (एसडीएम) द्वारा पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई गई। जांच में किसानों की शिकायतें तथ्यात्मक रूप से सही पाई गईं। इसके बाद जिला प्रशासन ने जिंदल पावर लिमिटेड के अधिकारियों को बुलाकर किसानों के वैधानिक अधिकारों के अनुरूप उचित मुआवजा देने के स्पष्ट निर्देश दिए।
चार गांवों के 60 परिवार हुए थे प्रभावित
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रवीण तिवारी ने बताया कि वर्ष 2025 में जिंदल पावर लिमिटेड द्वारा लगभग 6.7 किलोमीटर लंबी ऐश स्लरी पाइपलाइन बिछाई गई थी। इस परियोजना के लिए बुड़िया, बायंगड़ी, झिकाबहाल और लिबरा गांवों के 60 किसान परिवारों की कुल 52.64 एकड़ निजी भूमि का उपयोग किया गया था। पाइपलाइन निर्माण के बाद किसान लंबे समय से मुआवजे की मांग कर रहे थे।
40 करोड़ की पहली किस्त जारी
जिला प्रशासन की सतत पहल, उद्योग प्रबंधन के साथ लगातार समन्वय और नियमित अनुश्रवण के परिणामस्वरूप जिंदल पावर लिमिटेड ने प्रभावित किसानों के लिए 40 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। प्रशासन का कहना है कि यह किसानों के हितों की रक्षा और उनके वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विकास के साथ किसानों के अधिकारों का भी संरक्षण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐश स्लरी पाइपलाइन परियोजना से फ्लाई ऐश का वैज्ञानिक परिवहन संभव हो रहा है। इससे सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, धूल प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। हालांकि प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों के अधिकारों की अनदेखी न हो और उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा मिले।
प्रशासन की पहल बनी मिसाल
रायगढ़ जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को जनहित, पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रभावी उदाहरण माना जा रहा है। लंबे समय से लंबित मामले का समाधान होने से प्रभावित किसान परिवारों को बड़ी राहत मिली है। साथ ही यह संदेश भी गया है कि विकास परियोजनाओं के साथ आम नागरिकों और किसानों के अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
