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शलंबित गंभीर अपराधों पर प्राथमिकता से कार्रवाई, आदतन बदमाशों पर धारा 129 BNSS के तहत कार्रवाई के निर्देश; जुआ-सट्टा, नशा और अवैध शराब पर प्रभावी कार्रवाई के साथ सूचना तंत्र मजबूत करने पर जोर
रायगढ़, 09 अगस्त 2026। जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर रायगढ़ पुलिस ने अपनी प्राथमिकताएं तय कर दी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशानुसार पुलिस नियंत्रण कक्ष रायगढ़ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की क्राइम समीक्षा बैठक ली।
बैठक में लंबित गंभीर अपराधों के शीघ्र निराकरण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, अवैध प्रवासियों की जांच, जुआ-सट्टा एवं नशे के खिलाफ कार्रवाई सहित डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
क्राइम मीटिंग में जुलाई 2026 के दौरान जिले के विभिन्न थानों द्वारा अपराध नियंत्रण और पुलिस अभियानों के तहत की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। एएसपी अनिल सोनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित गंभीर अपराधों के निराकरण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक विवेचक अपने मामलों की नियमित समीक्षा करे और लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए ठोस कार्ययोजना के साथ काम करे।

अवैध प्रवासियों की जांच में बरती जाए पूरी गंभीरता
बैठक में अवैध प्रवासियों की जांच को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई। एएसपी ने कहा कि बाहरी तत्वों की पहचान और उनके सत्यापन की प्रक्रिया जितनी गंभीरता और बारीकी से की जाएगी।

उसका सीधा असर अपराध नियंत्रण पर भी दिखाई देगा।
उन्होंने थाना प्रभारियों को होटल संचालकों और मकान मालिकों से उनके यहां ठहरने वाले लोगों एवं किरायेदारों की जानकारी नियमित रूप से रखने और उसे ‘समाधान ऐप’ के माध्यम से अपलोड कराने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। नागरिकों को भी इस संबंध में जागरूक करने कहा गया, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते जानकारी पुलिस तक पहुंच सके।
जुआ-सट्टा और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
एएसपी अनिल सोनी ने स्पष्ट किया कि जिले के किसी भी थाना क्षेत्र में जुआ-सट्टा संगठित रूप से संचालित नहीं होना चाहिए। अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में ग्रामीणों का सहयोग लेने और पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
2025 और 2026 के अपराध आंकड़ों की हुई तुलनात्मक समीक्षा
क्राइम मीटिंग में वर्ष 2025 और वर्ष 2026 के प्रथम सात माह के अपराध आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा की गई। इस दौरान दर्ज अपराधों, पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और मामलों के निराकरण की स्थिति पर चर्चा हुई।
जिन थाना क्षेत्रों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई एवं लघु अधिनियम के तहत अपेक्षाकृत कम कार्रवाई पाई गई, वहां कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए। एएसपी ने लंबित गंभीर अपराधों की एक-एक कर समीक्षा करते हुए विवेचकों से प्रकरण लंबित रहने के कारणों की जानकारी ली और शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
लंबित मर्ग और शिकायतों की भी समीक्षा करते हुए उनका समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने कहा गया।
आदतन बदमाशों पर धारा 129 BNSS के तहत कार्रवाई
अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संदिग्ध और आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। एएसपी ने आदतन बदमाशों के खिलाफ धारा 129 BNSS (पूर्व धारा 110 CrPC) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में होने वाली आपराधिक घटनाओं को रोका जा सके।
सामान्य अपराधों का 60 दिन में निराकरण जरूरी
बैठक में अपराधों के समयबद्ध निराकरण को लेकर भी एएसपी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध दर्ज होने के बाद उसकी विवेचना निर्धारित समयसीमा में पूरी करना जरूरी है।
सामान्य अपराधों का 60 दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने और निराकरण से संबंधित आवश्यक प्रविष्टियां CCTNS में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। गंभीर मामलों में निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए विवेचना को गति देने कहा गया।
अधिक संख्या में मामले लंबित पाए जाने वाले थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। संबंधित एसडीओपी और थाना प्रभारी अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों के निराकरण की कार्ययोजना तैयार करेंगे।
डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर
नवीन कानूनों के अनुरूप पुलिसिंग में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी बैठक में जोर दिया गया। एएसपी ने सभी विवेचकों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने और नए कानूनों के साथ-साथ डिजिटल पुलिसिंग की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने के निर्देश दिए।
CCTNS, शिकायत पोर्टल और साइबर संबंधी पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां समय पर पूर्ण करने, न्यायालयीन कार्यवाही में ऑनलाइन पेशी का पालन करने और ई-समंस की तामिली सुनिश्चित करने कहा गया। न्यायालयीन पेशी किसी भी स्थिति में मिस नहीं करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के कार्यों की भी समीक्षा
क्राइम मीटिंग के बाद जिले में पदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के कार्यों की समीक्षा की गई। एएसपी अनिल सोनी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों और अनुभवी विवेचकों से अपराध विवेचना की बारीकियां सीखने के निर्देश दिए।
उन्होंने नवीन कानूनों, विवेचना प्रक्रिया और डिजिटल पुलिसिंग से संबंधित तकनीकी पहलुओं को गंभीरता से समझने तथा अपने कार्यों में उनका प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया।
बैठक में एएसपी ट्रैफिक पुष्पेन्द्र बघेल, सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, आरआई अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
अपराध नियंत्रण को लेकर स्पष्ट रोडमैप
क्राइम मीटिंग के माध्यम से रायगढ़ पुलिस ने अपराध नियंत्रण को लेकर स्पष्ट प्राथमिकताएं तय की हैं। त्वरित विवेचना, लंबित अपराधों का समयबद्ध निराकरण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, आदतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, अवैध प्रवासियों की जांच, जुआ-सट्टा और नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई तथा डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करना पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
