रायगढ़ शहर व जिले की छोटी-बड़ी खबरों के लिए संपर्क करें~<98279-50350

कॉलेज गई बेटी घर नहीं लौटी, चक्रधरनगर पुलिस ने शुरू की नए सिरे से विवेचना; सुरक्षित बरामदगी के प्रयास तेज
रायगढ़।शहर के डिग्री कॉलेज से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई 22 वर्षीय युवती लता यादव का अब तक पता नहीं चल सका है।मामले में चक्रधरनगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 140(3) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब युवती की गुमशुदगी से जुड़े तथ्यों और संभावित सुरागों की जांच कर रही है।

यह मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि युवती कॉलेज जाने के बाद घर नहीं लौटी थी। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस से संपर्क किया।अब अपहरण की आशंका को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने प्रकरण में औपचारिक एफआईआर दर्ज की है।
23 जुलाई को कॉलेज से लापता हुई थी युवती
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतरारोड थाना क्षेत्र के ग्राम जामपाली निवासी सुरेश यादव (57 वर्ष) ने 24 जुलाई 2026 को अपनी पुत्री लता यादव (22 वर्ष) के लापता होने की मौखिक सूचना चक्रधरनगर थाने में दी थी। परिजनों के मुताबिक, लता 23 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे रायगढ़ के डिग्री कॉलेज से बिना किसी पूर्व सूचना के कहीं चली गई थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी।

युवती के अचानक लापता होने से परिजन परेशान हो गए। उन्होंने संभावित ठिकानों पर तलाश की और बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित रिश्तेदारों के यहां भी जानकारी जुटाई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। इसके बाद पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 62/2026 दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी।
गुमशुदगी से अपहरण के अपराध तक पहुंचा मामला
प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने युवती का हुलिया तैयार कर वायरलेस संदेश के माध्यम से विभिन्न थानों, पुलिस चौकियों और जिला अपराध शाखा (डीसीबी) को भेजा था, ताकि उसकी तलाश में समन्वित प्रयास किए जा सकें।

पुलिस के अनुसार, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के 24 सितंबर 2026 के परिपत्र के अनुपालन में गुमशुदगी के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के 22 मई 2026 के आदेश के अनुपालन से संबंधित बताई गई है।

इसी क्रम में लता यादव के मामले में अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने, अपहरण करने अथवा अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने की आशंका को देखते हुए बीएनएस की धारा 140(3) के तहत अपराध क्रमांक 0508/2026 दर्ज किया गया है। हालांकि, मामले में किसी आरोपी की पहचान या युवती के साथ वास्तव में क्या हुआ, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

हुलिए और टैटू के आधार पर पहचान की अपील
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, लापता युवती की लंबाई लगभग 5 फीट 3 इंच है। उसका चेहरा गोल, रंग गोरा और बाल काले हैं। लापता होने के समय उसने पीले रंग का सलवार सूट और काले रंग की सैंडल पहनी हुई थी। उसके कानों में टॉप्स थे।
पहचान का प्रमुख निशान: युवती के बाएं हाथ की हथेली पर फूल का टैटू बना हुआ है।

वह हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा बोलती है।
पुलिस इस हुलिए के आधार पर युवती की तलाश कर रही है। घटना के संबंध में किसी भी व्यक्ति के पास जानकारी होने पर संबंधित पुलिस थाने को सूचित करना उपयोगी होगा।
सुरक्षित बरामदगी के लिए पुलिस के प्रयास जारी
मामले की प्रारंभिक विवेचना प्रधान आरक्षक महेंद्र कर्ष द्वारा की जा रही है। पुलिस स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ संभावित सुरागों की पड़ताल कर रही है। युवती की सुरक्षित बरामदगी और उसके लापता होने के कारणों का पता लगाना पुलिस के सामने प्रमुख चुनौती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 23 जुलाई को कॉलेज से निकलने के बाद लता यादव कहां गई और इतने समय बाद भी उसका पता क्यों नहीं चल सका? इन सवालों का जवाब जांच और युवती की बरामदगी के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल चक्रधरनगर पुलिस मामले की विवेचना में जुटी है।





