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रायगढ़।धरमजयगढ़ क्षेत्र इन दिनों अवैध कोयला खनन और तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि कोयला माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि खुलेआम चेन माउंटेन मशीन के जरिए जंगल क्षेत्र में अवैध उत्खनन किया जा रहा था। जब यह मामला पूरे नगर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना, तब जाकर स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग की टीम हरकत में आई और बोरो वनपरिक्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई की।

और वहीं कार्रवाई के दौरान मौके से चेन माउंटेन मशीन जब्त की गई और अवैध कोयला थाना लाया गया। हालांकि कार्रवाई से पहले कई वाहन और जेसीबी मशीनें मौके से फरार हो गईं। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए,क्या अवैध खनन करने वालों को पहले ही कार्रवाई की भनक लग गई थी?

मिली जानकारी अनुसार बताया जाता है कि बोरो वनपरिक्षेत्र के साथ-साथ संगरा गांव में भी लंबे समय से अवैध कोयला खनन का खेल जारी था। माफिया जंगल के रास्तों का इस्तेमाल कर ट्रैक्टर और पिकअप वाहनों के माध्यम से कोयला निकालकर क्षेत्र में सप्लाई कर रहे थे। वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए केवल आवागमन के रास्तों को बंद किया, क्योंकि कोयला जब्ती का अधिकार खनिज विभाग के पास है। परिणामस्वरूप संगरा गांव में अवैध कोयले की बड़ी मात्रा डंपिंग के रूप में पड़ी रही।

वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन को चाहिए था कि इस डंपिंग कोयले को जब्त कर सुरक्षित स्थान पर रखा जाता, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जब इस संबंध में संबंधित विभागों से जानकारी चाही गई तो हर विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालता नजर आया।
और इसी बीच बीते दिनों संगरा गांव में डंपिंग कोयला ट्रैक्टर के माध्यम से ले जाए जाने की सूचना सामने आई। विभागीय सूत्रों के अनुसार पुलिस को इसकी जानकारी पहले ही मिल चुकी थी, लेकिन कार्रवाई का आभाव और लेकिन फिर होली पर्व के माहौल के ने कार्रवाई के मानो मजबूर कर दिया। और वहीं आखिरकार पुलिस सुबह-सुबह संगरा गांव पहुंची, जहां कोयला लदा एक ट्रैक्टर खड़ा मिला।

ट्रैक्टर के पास एक व्यक्ति भी मौजूद था, जिसने पुलिस को बताया कि ट्रैक्टर का डीजल खत्म हो जाने के कारण वह वहीं खड़ा है। पुलिस ने ट्रैक्टर को कोयला सहित जब्त कर थाना लाया, जिसके बाद यह खबर स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया में तेजी से फैल गई। मौके पर मौजूद व्यक्ति की पहचान ग्राम बोरो निवासी सज्जाद उर्फ जादू के रूप में हुई, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू की।
स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक
वहीं मामले में थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव के अनुसार, अवैध कोयला परिवहन के मामले में फरार मुख्य आरोपी को सहायता देने के आरोप में सज्जाद उर्फ जादू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि मुख्य आरोपी की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। उसके विरुद्ध BNS की धारा 107 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और प्रयुक्त ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है।
वहीं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ के समक्ष प्रस्तुत मामले में पुलिस द्वारा दाखिल अभियोग पत्र और अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया गया। इस्तगासा के अनुसार 2 मार्च की रात ग्राम बोरो के जंगल क्षेत्र में अवैध कोयला चोरी की सूचना पर पुलिस टीम पहुंची थी, जहां कथित कोयला चोर मौके से फरार हो गए थे। इसी दौरान सज्जाद मोहम्मद उर्फ जादू वहां मिला। वहीं पुलिस के अनुसार उसने पुलिस को सूचना देने के आरोप में आवेदक पक्ष के साथ दुर्व्यवहार किया और समझाइश के बावजूद शांत नहीं हुआ। थाना परिसर में भी उसने गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी। शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
वहीं मामले की सुनवाई के दौरान एसडीएम न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 130 के तहत प्रारंभिक आदेश जारी करते हुए सज्जाद मोहम्मद को 2 लाख रुपये की व्यक्तिगत जमानत या सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। निर्धारित समय में जमानतदार प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उसे जेल वारंट जारी कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बहरहाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद भी कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं,आखिर इस मामले में वास्तविक सरगना , मास्टरमाइंड कौन है?
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक अमृत और अभिषेक मिलकर काम कर रहे हैं!
रायगढ़ जिले के अमृत का नाम सामने आया रहा है,और कोरबा थाना क्षेत्र के अभिषेक…दोनों खिलाड़ी मिलकर इस काले खेल में माहिर बताये जा रहे हैं।।।
तथा अवैध कोयला परिवहन की मुख्य कड़ी किस अधिकारी से जुड़ी है?और सबसे बड़ा सवाल, धरमजयगढ़ क्षेत्र में अवैध कोयला खनन पर आखिर कब लगाम लगेगी?
