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रायगढ़।जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत में विगत दिनों एक नशीली दवाओं के अवैध परिवहन के मामले में NDPS कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी विकास महंत को 12 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।यह फैसला पुलिस द्वारा की गई विवेचना और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया।

मामले में सामने आया कि दिनांक 25 जुलाई 2023 को थाना घरघोड़ा में पदस्थ तत्कालीन उपनिरीक्षक (अब सेवानिवृत्त) करमू साय पैंकरा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल के जरिए प्रतिबंधित नशीली टैबलेट का परिवहन कर रहा है।
सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक ने तत्कालीन थाना प्रभारी शरद चंद्रा को अवगत कराया और विधिवत कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने इस सूचना को रोजनामचा में क्रमांक 22 पर दर्ज किया, जो बाद में न्यायालय में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर कार्रवाई करने से पहले आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए स्वतंत्र गवाहों को बुलाने की व्यवस्था की। आरक्षक उद्धव पटेल को कर्तव्य प्रमाण पत्र देकर गवाहों को लाने के लिए भेजा गया, जिसकी जानकारी भी रोजनामचा सान्हा क्रमांक 23 में दर्ज की गई।
पुलिस द्वारा पूरी प्रक्रिया को दस्तावेजों के साथ क्रमबद्ध तरीके से दर्ज किया गया, जिसमें रोजनामचा सान्हा क्रमांक 24 सहित अन्य अभिलेख भी शामिल हैं। इसके पश्चात पुलिस ने आरोपी विकास महंत को पकड़ा और उसके पास से नशीली टैबलेट बरामद की गई।
NDPS एक्ट के प्रावधानों का पालन साबित
न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह विशेष रूप से देखा गया कि विवेचना अधिकारी द्वारा NDPS एक्ट के आवश्यक प्रावधानों का पालन किया गया या नहीं। गवाहों के बयान, रोजनामचा एंट्री और दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने माना कि पुलिस ने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का विधिवत पालन किया।
मजबूत साक्ष्यों के आधार पर सजा
अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को विश्वसनीय मानते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया और 12 साल के कठोर कारावास के साथ 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
निष्कर्ष:
यह फैसला नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर सख्ती का संकेत है। साथ ही यह भी स्पष्ट करता है कि यदि पुलिस विवेचना में कानून के सभी प्रावधानों का सही तरीके से पालन करती है, तो अदालत में अपराधियों को सख्त सजा दिलाना संभव है।
