रायगढ़ शहर व जिले की छोटी बड़ी खबरों के लिए संपर्क करें~98279-50350
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार तहत अब अफीम की खेती का सिलसिला तमनार एक बाद लैलूंगा में उजागर”

रायगढ़।जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है।एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार”के तहत अब अफीम की खेती का सिलसिला उजागर हो रहा है।विगत दिनों तमनार क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती का खुलासा हुआ था, वहीं आज लैलूंगा थाना क्षेत्र में भी अफीम की खेती मिलने से हड़कंप मच गया है।लगातार हो रहे खुलासों ने यह साफ कर दिया है कि जिले में नशे का अवैध नेटवर्क गहराई तक फैल चुका है।

दुर्ग-बलरामपुर के बाद रायगढ़ पर फोकस
दुर्ग और बलरामपुर जिलों में अफीम की खेती के खुलासों के बाद अब रायगढ़ जिले के तमनार और लैलूंगा क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां सामने आ रही हैं। इससे पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

पुलिस की कार्रवाई तेज, और खुलासों की संभावना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत लगातार सर्चिंग और निगरानी बढ़ाई गई है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
अवैध कारोबार पर कड़ा संदेश
एसपी शशि मोहन सिंह की अगुवाई में चल रही इस कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अब जड़ से इस नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है।
क्या है~पूरा मामला….
लैलूंगा के घाटगांव में फिर मिली अफीम, लगातार बढ़ रहा नेटवर्क
तमनार के बाद अब लैलूंगा क्षेत्र के घाटगांव में भी अफीम की खेती मिलने से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। यहां भी खेत के एक हिस्से में अवैध रूप से अफीम उगाई जा रही थी।इसके अलावा लैलूंगा के अन्य गांवों में भी चोरी-छिपे अफीम की खेती की सूचना सामने आई है, जिस पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
राज्यभर में फैलता नेटवर्क, करोड़ों की फसल का अंदेशा
जांच में सामने आया है कि यह कोई छोटा मामला नहीं बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। रायगढ़ में पकड़ी गई फसल की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है और इसमें बाहरी राज्यों के लोगों की भी संलिप्तता सामने आ रही है।
सियासत भी गरम: सरकार पर उठ रहे सवाल
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष ने सरकार पर संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं, जबकि सरकार ने सख्त कार्रवाई का दावा किया है।
बड़ा सवाल:“धान का कटोरा” क्यों बन रहा ‘नशे का खेत’?
छत्तीसगढ़, जिसे धान का कटोरा कहा जाता है, वहां किसानों द्वारा अफीम जैसी प्रतिबंधित फसल की खेती किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है—
👉 क्या लालच या मजबूरी इसकी वजह है?
👉 क्या बाहर से संचालित गिरोह किसानों को फंसा रहे हैं?
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
