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तस्वीरों की राजनीति…
रायगढ़।जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट के कथित करन चौधरी की गिरफ्तारी के बाद अब मामला सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बन गया है। सोशल मीडिया पर करन चौधरी की भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल होने के बाद दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर हमलावर हैं।
रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई में करोड़ों रुपये के ऑनलाइन सट्टा कारोबार का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी, नोट गिनने की मशीन, मोबाइल फोन और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि करन चौधरी आखिर किस दल के करीब था।
“कल तक साथ, आज दूरी” — वायरल तस्वीरों ने खड़े किए सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में करन चौधरी को भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं के साथ देखा जा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में नेताओं के साथ फोटो खिंचवाना सामान्य बात है, लेकिन जब कोई व्यक्ति गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होता है तो ऐसी तस्वीरें सवालों को जन्म देती हैं।रायगढ़ की जनता के बीच यह चर्चा है कि जब तक पोस्टर लगाने, भीड़ जुटाने, कार्यक्रमों की व्यवस्थाएं करने और संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत थी, तब तक कई नेता उसके साथ नजर आते रहे। अब गिरफ्तारी के बाद वही लोग उससे दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप: “भाजपा संरक्षण में फल-फूल रहा था नेटवर्क”
कांग्रेस समर्थकों ने करन चौधरी की भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें साझा करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी की पहुंच सत्ता के शीर्ष स्तर तक थी। उनका दावा है कि यदि राजनीतिक संरक्षण नहीं होता, तो इतना बड़ा सट्टा नेटवर्क संचालित नहीं हो सकता था।
भाजपा का पलटवार: “टीएस सिंहदेव के साथ भी सामने आई तस्वीर”
जिला भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि करन चौधरी की तस्वीर पूर्व उपमुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेव के साथ भी सामने आई है। भाजपा का कहना है कि केवल फोटो के आधार पर किसी पर संरक्षण देने का आरोप लगाना उचित नहीं है।
भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान महादेव ऐप, कोयला लेवी और शराब घोटाले जैसे मामलों में कार्रवाई नहीं हुई, जबकि वर्तमान सरकार में पुलिस ने बड़े सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई चर्चा में
रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को जिले की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन Singh के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई की विभिन्न वर्गों ने सराहना की है।
असली सवाल अब भी कायम
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि करन चौधरी केवल एक आरोपी था या फिर किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा। उसके राजनीतिक संपर्क कितने गहरे थे और क्या जांच में अन्य नाम भी सामने आएंगे, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
रायगढ़ की जनता अब यह जानना चाहती है कि सट्टा और हवाला के इस कथित नेटवर्क का असली संरक्षक कौन था और जांच की आंच आखिर किन-किन लोगों तक पहुंचेगी।

